21 साल की नौकरी, 38 की उम्र में एंट्री और फिर सिनेमा पर राज. अमरीश पुरी की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही.
अमरीश पुरी हिंदी सिनेमा के ऐसे खलनायक थे, जिनकी स्क्रीन पर एंट्री ही हीरो के लिए खतरे की घंटी बन जाती थी.
एक्टर बनने से पहले अमरीश पुरी ने बीमा कंपनी में 21 साल तक क्लर्क की नौकरी की, साथ ही थिएटर से जुड़े रहे.
मराठी सिनेमा से शुरुआत के बाद अमरीश पुरी ने 38 साल की उम्र में देव आनंद की फिल्म प्रेम पुजारी से बॉलीवुड में कदम रखा.
1971 में आई फिल्म रेशमा और शेरा ने उन्हें जबरदस्त पहचान दिलाई और विलेन के रूप में करियर को नई दिशा दी.
मिस्टर इंडिया, करण अर्जुन, घातक और गदर जैसी फिल्मों ने अमरीश पुरी को सबसे खतरनाक और महंगे विलेन बना दिया.
साढ़े तीन दशक के करियर में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर अमरीश पुरी सिनेमा में अमर हो गए.