देवशयनी एकादशी 2026 पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा का दिन है। जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत का महत्व और इस दिन का धार्मिक संदेश।
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है।
देवशयनी एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। सही मुहूर्त में पूजा करने से व्रत का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।
भगवान विष्णु का अभिषेक करें, पीले वस्त्र अर्पित करें और तुलसी दल के साथ भोग लगाएं। इसके बाद विष्णु मंत्र और आरती का पाठ करें।
देवशयनी एकादशी का व्रत करने से सुख, समृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। यह दिन आध्यात्मिक साधना के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस दिन सात्विक भोजन करें, क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान करना शुभ माना जाता है।
देवशयनी एकादशी से चातुर्मास आरंभ होता है। इस अवधि में पूजा, जप, तप और अच्छे कर्मों का विशेष महत्व बताया गया है।