राधे-कृष्ण के रंग में रंगेगा देश: जन्माष्टमी 2026 की खास तस्वीरें और परंपराएं

मटकी फोड़ने से लेकर कान्हा के भव्य श्रृंगार तक, जन्माष्टमी 2026 पर देशभर में दिखेगा भक्ति, उत्सव और राधे-कृष्ण के प्रेम का रंग।

कान्हा के जन्म का जश्न

जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व है। मंदिरों से लेकर घरों तक भक्त आधी रात कान्हा के जन्म का इंतजार करते हैं।

आधी रात बजेगी बधाई

कृष्ण जन्म की खुशी में मंदिरों में घंटियां और शंख गूंजते हैं। भक्त पूजा-अर्चना कर बाल गोपाल का अभिषेक करते हैं।

नंद के घर आनंद भयो

कृष्ण जन्म के बाद नंदोत्सव की परंपरा निभाई जाती है। घरों और मंदिरों में मिठाइयां बांटकर उत्सव मनाया जाता है।

मटकी फोड़ेंगे गोविंदा

महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दही-हांडी जन्माष्टमी का बड़ा आकर्षण है। गोविंदा की टोलियां ऊंची मटकी फोड़कर उत्साह बढ़ाती हैं।

कान्हा का मनमोहक श्रृंगार

जन्माष्टमी पर बाल कृष्ण को पीले वस्त्र, मोरपंख, बांसुरी और आभूषणों से सजाया जाता है। झांकियां भक्तों का मन मोह लेती हैं।

राधे-कृष्ण के रंग में देश

भजन, कीर्तन, झांकियों और मंदिरों की रोशनी से माहौल भक्तिमय हो जाता है। जन्माष्टमी प्रेम, भक्ति और उल्लास का संदेश देती है।

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