Janmashtami 2026: इन 7 राज्यों में दिखता है कृष्ण जन्माष्टमी का सबसे खास रंग, जानें अनोखी परंपराएं

जन्माष्टमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की अलग-अलग परंपराओं का उत्सव है। जानिए 7 राज्यों में कैसे मनाई जाती है कृष्ण जन्माष्टमी।

उत्तर प्रदेश

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का अलग ही रंग भगवान कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और बाल लीलाओं की भूमि वृंदावन में आधी रात जन्मोत्सव, विशेष पूजा और रासलीला का आयोजन होता है।

महाराष्ट्र

दही हांडी से गूंज उठती हैं गलियां महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के अगले दिन दही हांडी का खास उत्साह दिखता है। गोविंदा पथक मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकी हांडी फोड़ते हैं।

गुजरात

गुजरात में कृष्ण भक्ति का भव्य उत्सव गुजरात में जन्माष्टमी को श्रावण वद आठम के रूप में भी जाना जाता है। द्वारका और डाकोर में मंदिरों में विशेष पूजा और भव्य धार्मिक आयोजन होते हैं।

राजस्थान

झांकियों और छप्पन भोग से सजते हैं मंदिर राजस्थान में नाथद्वारा के श्रीनाथजी और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर में विशेष झांकी दर्शन होते हैं। पुष्टिमार्ग परंपरा में भव्य श्रृंगार और छप्पन भोग आकर्षण का केंद्र रहता है।

पश्चिम बंगाल

कृष्ण जन्म के बाद मनाया जाता है नंदोत्सव पश्चिम बंगाल में कृष्ण जन्मोत्सव के साथ भक्ति और पूजा का माहौल रहता है। अगले दिन नंदोत्सव के जरिए भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी मनाई जाती है।

ओडिशा

भागवत पाठ और मंदिरों में खास अनुष्ठान ओडिशा में जन्माष्टमी पर कृष्ण जन्म की पूजा के साथ धार्मिक पाठ और भक्ति कार्यक्रम होते हैं। पुरी सहित कई स्थानों पर मंदिरों में विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं।

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