नाग पंचमी सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि अपने अंदर झांकने और मन से नकारात्मकता को दूर करने का भी अवसर है. जानिए कैसे इस दिन जीवन में शुद्धता और संतुलन ला सकते हैं।
29 जुलाई 2025 को मनाई जा रही नाग पंचमी सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, आत्मशुद्धि का संदेश भी देती है।
पौराणिक मान्यता है कि नागों की पूजा से कालसर्प दोष दूर होता है और शिव का आशीर्वाद मिलता है।
नाग अपने भीतर ज़हर रखते हैं पर संतुलित रहते हैं. हमें भी क्रोध, ईर्ष्या और लोभ जैसे विचारों से दूर रहना चाहिए।
यह दिन खुद से पूछने का समय है कि हमारे जीवन में कौन-से विचार या आदतें ज़हर घोल रही हैं।
क्रोध, घृणा, ईर्ष्या, लालच और डर जैसे विषैले भाव आज के दिन खुद से दूर करने का संकल्प लें।
नाग पंचमी पर किया गया आत्मचिंतन मानसिक शांति, संतुलन और सकारात्मकता की ओर ले जाता है।