कार्तिक पूर्णिमा पर 365 बाती का दीपक जलाने की परंपरा बेहद खास मानी जाती है. कहा जाता है कि यह दीपक पूरे साल सुख, शांति और समृद्धि लाता है. जानिए कब, कैसे और क्यों जलाया जाता है यह विशेष दीपक.
इस साल कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 5 नवंबर को मनाया जाएगा. यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे साल का सबसे शुभ दिन माना जाता है.
यह दीपक साल के 365 दिनों का प्रतीक है. मान्यता है कि इसे जलाने से पूरे वर्ष के हर दिन का पुण्य एक साथ प्राप्त होता है.
कच्चे सूत या कलावे से 365 बातियां बनाएं. सूखे नारियल के आधे हिस्से में देसी घी भरें और सभी बातियां उसमें रखें, फिर पूजा के बाद दीपक जलाएं.
ज्यादातर लोग यह दीपक तुलसी के पौधे या घर के मंदिर में जलाते हैं. तुलसी मां लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं, इसलिए यह बेहद शुभ माना जाता है.
शास्त्रों में दीपदान को परम पुण्यदायक बताया गया है. माना जाता है कि 365 बाती का दीपक जलाने से विष्णु-लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं और घर में समृद्धि आती है.
यह दीपक केवल पूजा नहीं, बल्कि आत्मप्रकाश का प्रतीक है. इसे जलाने से जीवन के अंधकार मिटते हैं और हर दिन नई ऊर्जा और सकारात्मकता आती है.