भव्य शादी को लेकर उठे सवालों पर कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने पहली कथा में खुलकर रखी अपनी बात।
शादी के बाद मुंबई में पहली कथा के दौरान इंद्रेश उपाध्याय ने सोशल मीडिया की आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया दी।
लोगों ने सादगी और त्याग की बात करने वाले कथावाचक की भव्य शादी पर सवाल उठाए थे।
इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि जब बड़े धार्मिक उत्सव होते हैं तब खर्च पर कोई सवाल नहीं करता।
उन्होंने साफ किया कि शादी के फैसले परिवार के थे और उसमें उनका ज्यादा नियंत्रण नहीं था।
आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि संसार की बातें छोड़कर प्रसन्न और मगन रहना ही सही रास्ता है।
इंद्रेश उपाध्याय ने भक्तों को जनवरी 2026 में वृंदावन में होने वाले ठाकुर जी के विवाह उत्सव में आने का आमंत्रण दिया।