भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम की यह कथा आज भी आस्था और सवाल दोनों जगाती है. जानिए किस परिस्थिति में उन्होंने मां का सिर काटा और फिर पिता से क्या मांगा.
परशुराम विष्णु जी के छठे अवतार माने जाते हैं. उनका जन्म महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था.
माता रेणुका अपने पतिव्रत धर्म के कारण कच्चे मिट्टी के घड़े में पानी लाया करती थीं और एक बूंद भी नहीं गिरती थी.
नदी पर जल भरते समय माता रेणुका का ध्यान एक गंधर्व पर चला गया. उसी क्षण उनका पतिव्रत खंडित हो गया.
महर्षि जमदग्नि ने क्रोधित होकर अपने बेटों को मां का सिर काटने का आदेश दिया. चारों भाइयों ने मना किया और श्राप पाया.
परशुराम ने बिना विचार किए पिता की आज्ञा मानी और माता रेणुका का सिर काट दिया. इससे पिता अत्यंत प्रसन्न हुए.
परशुराम ने मां का जीवन, मां की स्मृति और भाइयों की चेतना मांगी. महर्षि जमदग्नि ने तीनों वरदान प्रदान किए.