दारा शिकोह की मदद और औरंगजेब की नाराजगी, गुरु हर राय कैसे बने दुश्मन

मुगल सत्ता संघर्ष के दौर में गुरु हर राय जी का एक मानवीय फैसला राजनीति में भारी पड़ गया. जयंती के मौके पर जानिए पूरा किस्सा.

सिखों के सातवें गुरु

गुरु हर राय जी सिखों के सातवें गुरु थे. उनका काल मुगल दरबार के सबसे अशांत दौर से जुड़ा माना जाता है.

करुणा और सेवा की पहचान

गुरु हर राय जी दयालु स्वभाव और प्रकृति प्रेम के लिए जाने जाते थे. उन्होंने औषधि, सेवा और लंगर पर विशेष जोर दिया.

मुगल सत्ता का संघर्ष

शाहजहां के बेटों दारा शिकोह और औरंगजेब के बीच उत्तराधिकार युद्ध चल रहा था. पूरा उत्तर भारत तनाव में था.

दारा शिकोह को मिली मदद

परंपराओं के अनुसार दारा शिकोह को बीमारी और संकट के समय गुरु हर राय जी की ओर से औषधीय और मानवीय सहायता मिली.

औरंगजेब को हुआ शक

सत्ता में आने के बाद औरंगजेब ने दारा से जुड़े हर व्यक्ति को संदेह की नजर से देखा. गुरु हर राय जी भी निशाने पर आए.

टकराव नहीं विवेक का रास्ता

दरबार के बुलावे पर गुरु हर राय जी ने स्वयं जाने के बजाय पुत्र को भेजा. इससे सिख पंथ को बड़े टकराव से बचाया गया.

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