सरकार 4.8% स्टेक बेच रही, स्टॉक 7% टूटा। 8% डिस्काउंट पर फ्लोर प्राइस तय, 1 साल में 130% रिटर्न। मजबूत ऑर्डर बुक और मुनाफे से निवेशकों की नजर।
Mazagon Dock Stock: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की चर्चाओं के बीच दुनियाभर के बाजारों में गिरावट देखने को मिली। भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे, और शुक्रवार को चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1.25% टूट गए। इस गिरावट की चपेट में डिफेंस सेक्टर के PSU स्टॉक भी आ गए, जिनमें Mazagon Dock प्रमुख रूप से प्रभावित हुआ।
Mazagon Dock में तेज गिरावट, 7% लुढ़का स्टॉक
सरकार द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा के बाद, मझगांव डॉक का शेयर शुरुआती सत्र में ही 7% तक टूट गया। सरकार इस डिफेंस कंपनी में 4.8% हिस्सेदारी बेच रही है, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। हालांकि, बीते एक साल में यह स्टॉक 130% से ज्यादा का रिटर्न दे चुका है, जिससे यह मल्टीबैगर साबित हुआ है।
8% डिस्काउंट पर तय हुआ फ्लोर प्राइस
Mazagon Dock ने बताया कि सरकार 2.83% हिस्सेदारी सीधे और 2% अतिरिक्त ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए बेचेगी। इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹2,525 तय किया गया है, जो पिछले बंद भाव ₹2,735 से करीब 8% डिस्काउंट पर है। रिटेल निवेशकों के लिए यह OFS 7 अप्रैल (सोमवार) को खुलेगा। सरकार को इस सौदे से करीब 5,000 करोड़ रुपये जुटने की उम्मीद है।
मल्टीबैगर रहा है Mazagon Dock, तीन साल में 1770% रिटर्न
मझगांव डॉक का शेयर PSU सेक्टर के सबसे बेहतरीन रिटर्न देने वाले शेयरों में शामिल रहा है।
3 साल में: 1770% रिटर्न
2 साल में: 670% रिटर्न
1 साल में: 130% रिटर्न
2024 में अब तक: 14% बढ़त
सितंबर 2020 में BSE और NSE पर लिस्टिंग के बाद से यह स्टॉक लगातार चर्चा में रहा है। पिछले साल कंपनी ने 1:2 रेशियो में बोनस शेयर देने की घोषणा की थी, जिससे रिकॉर्ड डेट से पहले इसमें जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली थी।
Mazagon Dock का Valuation और पीयर कंपनियों से तुलना
हालांकि, इस स्टॉक का P/E (प्राइस टू अर्निंग रेश्यो) 38.65 है, जो सस्ता नहीं कहा जा सकता, लेकिन प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में कम है।
Cochin Shipyard: P/E 44.47
Garden Reach: P/E 47.47
Zen Technologies: P/E 61.66
इस लिहाज से Mazagon Dock तुलनात्मक रूप से सस्ता दिखाई देता है।
क्यों है Mazagon Dock फोकस में?
1. दमदार मुनाफा और बढ़ता रेवेन्यू
Mazagon Dock एक लाभदायक सरकारी कंपनी है। दिसंबर 2024 की तिमाही में कंपनी का मुनाफा 29% (YoY) बढ़कर ₹807 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 33% बढ़कर ₹3,144 करोड़ रहा।
पिछली चार तिमाहियों में कंपनी का मुनाफा:
Q1: ₹585 करोड़
Q2: ₹696 करोड़
Q3: ₹663 करोड़
Q4: ₹627 करोड़
2. मजबूत ऑर्डर बुक और नए प्रोजेक्ट्स
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, Mazagon Dock P75-I पनडुब्बियों की 6 यूनिट्स की आपूर्ति के लिए योग्य कंपनी पाई गई है। यदि यह ऑर्डर मिलता है, तो कंपनी की ऑर्डर बुक ₹50,000 करोड़ से ज्यादा हो सकती है।
इसके अलावा, स्कॉर्पीन क्लास की 3 पनडुब्बियों के लिए ₹25,000 करोड़ का ऑर्डर भी पाइपलाइन में है। यदि ये ऑर्डर मिलते हैं, तो कंपनी की ऑर्डर बुक बढ़कर ₹1.1 लाख करोड़ तक पहुंच सकती है।
3. इंडियन नेवी से बड़ी डील और डिफेंस बजट में बढ़ोतरी
हाल ही में इंडियन नेवी ने Mazagon Dock के साथ ₹36,000 करोड़ की डील साइन की है। इसके अलावा, भारत के डिफेंस कैपेक्स बजट में 12.9% की वृद्धि हुई है, जो अब ₹1.8 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। इससे कंपनी को नए प्रोजेक्ट्स मिलने की उम्मीद है।
4. नवरत्न का दर्जा मिलने से बढ़ा महत्व
Mazagon Dock को जून 2024 में "Navratna" का दर्जा मिला, जिससे कंपनी को और अधिक स्वतंत्रता और बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने की क्षमता मिली है।