Columbus

Nana Patekar: 13 साल की उम्र में शुरू किया था काम, आज हैं बॉलीवुड के दमदार अभिनेता

Nana Patekar: 13 साल की उम्र में शुरू किया था काम, आज हैं बॉलीवुड के दमदार अभिनेता
अंतिम अपडेट: 09-12-2024

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का जीवन संघर्षों और कठिनाईयों से भरा हुआ रहा है। उनका बचपन गरीबी में बिता और जीवन के पहले कुछ सालों में ही उन्हें कड़ी मेहनत करने का अहसास हो गया था। यह कहानी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे कठिन परिस्थितियाँ इंसान को उसकी मंजिल तक पहुँचने के लिए मजबूर कर देती हैं।

प्रारंभिक संघर्ष और कठिनाइयाँ

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर की सफलता की कहानी केवल उनकी अभिनय क्षमता की वजह से नहीं, बल्कि उनके संघर्ष की वजह से भी प्रेरणादायक है। नाना का बचपन बेहद कठिन था और उन्होंने 13 साल की उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। यह समय उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण दौर था, जब आर्थिक तंगी के चलते उन्हें अपने परिवार का सहारा बनने के लिए खुद को साबित करना पड़ा।

सिर्फ 35 रुपये महीने की पगार पर काम करते थे नाना

नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वह 13 साल के थे, तब उन्हें रोज़ाना 8 किलोमीटर पैदल चलकर चूना भट्टी में काम करने जाना पड़ता था। यहां पर वह फिल्मों के पोस्टर्स पेंट करते थे और इसके बदले में उन्हें हर महीने मात्र 35 रुपये मिलते थे। इसके साथ ही उन्हें दिन में केवल एक बार खाना मिलता था, जो जीवन की कठिनाइयों को दर्शाता है।

शिक्षा और काम का संतुलन

इसके बावजूद, नाना पाटेकर ने अपनी पढ़ाई और काम के बीच संतुलन बनाए रखा। वह स्कूल भी जाते थे और साथ ही अपने काम को भी निभाते थे। उनका कहना था कि कठिन परिस्थितियों ने ही उन्हें सिखाया कि कैसे जीवन के हर पल का सदुपयोग किया जाए। नाना ने यह भी कहा कि अपने संघर्षों से उन्हें जल्दी ही परिपक्व होने का अवसर मिला और वह जीवन की असलियत को समझने लगे।

आत्मविश्वास और जीवन की दृष्टि

नाना पाटेकर ने अपने जीवन के बारे में यह भी कहा कि परिस्थितियां ही आपकी उम्र तय करती हैं। लेकिन, जैसे-जैसे वह बड़े होते गए, उन्होंने तय किया कि अब वह अपनी उम्र खुद तय करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें मौत से डर नहीं लगता क्योंकि यह जीवन का एक हिस्सा है।

नाना पाटेकर का करियर

नाना पाटेकर ने अपनी अभिनय यात्रा 1978 में फिल्म 'गमन' से शुरू की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान फिल्म 'परिंदा' से मिली। इस फिल्म में उनकी भूमिका ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अलग पहचान दिलाई और इसके लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवार्ड भी मिला। नाना पाटेकर ने फिल्मों में हमेशा अपने अभिनय के जरिए दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई, चाहे वह संजीदा भूमिकाएँ हो या फिर कॉमिक रोल।

नाना पाटेकर की जिंदगी एक प्रेरणा है, जो यह दर्शाती है कि अगर आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी चुनौती आपको रुकने नहीं दे सकती। उनके संघर्ष की कहानी हर किसी को यह सिखाती है कि मेहनत और संकल्प के साथ हम किसी भी मुश्किल से पार पा सकते हैं।

Leave a comment