उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन ने नवंबर 2023 में हलाल सर्टिफाइड उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। अब ट्रस्ट ने इस मामले में नया हलफनामा दायर किया है।
सुप्रीम कोर्ट में ट्रस्ट की आपत्ति
ट्रस्ट ने हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। ट्रस्ट का कहना है कि इस टिप्पणी से हलाल प्रमाणन की प्रक्रिया को लेकर विवाद और बढ़ गया है। हलाल सर्टिफिकेट एक प्रमाणीकरण है, जो यह पुष्टि करता है कि किसी उत्पाद को इस्लामी नियमों के अनुसार तैयार किया गया है। यह केवल मांस उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों, और यहां तक कि पैकेज्ड फूड आइटम्स के लिए भी जारी किया जाता है।
हलाल सर्टिफिकेट कैसे मिलता है, जानिए पूरी प्रक्रिया
अगर कोई कंपनी अपने उत्पाद को हलाल सर्टिफाइड करवाना चाहती है, तो उसे एक विशेष प्रक्रिया से गुजरना होता है। इसके लिए कंपनी को एक अधिकृत हलाल सर्टिफिकेशन एजेंसी से संपर्क करना पड़ता है। एजेंसी के विशेषज्ञ प्रोडक्ट और उसमें इस्तेमाल किए गए इंग्रेडिएंट्स का गहन निरीक्षण करते हैं। साथ ही, स्वच्छता मानकों की भी जांच की जाती है।
यह सुनिश्चित किया जाता है कि उत्पाद में सूअर का मांस, शराब, खून या कोई अन्य ऐसा तत्व न हो, जिसे इस्लामी कानूनों के तहत अवैध माना जाता है। निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हलाल सर्टिफिकेट जारी किया जाता है।
कितनी अवधि के लिए मान्य होता है हलाल सर्टिफिकेट
हलाल सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में कुछ उत्पादों का लैब टेस्ट भी किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनमें कोई ऐसा तत्व न हो जो हलाल मानकों को प्रभावित करे। अगर प्रोडक्ट सभी शर्तों पर खरा उतरता है, तो उसे हलाल सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। आमतौर पर यह सर्टिफिकेट 1 से 3 साल की अवधि के लिए मान्य होता है। साथ ही, समय-समय पर प्रोडक्ट की क्वालिटी का दोबारा निरीक्षण (री-इंस्पेक्शन) भी किया जाता है।
कौन-कौन से प्रोडक्ट्स के लिए जारी होता है हलाल सर्टिफिकेट
हलाल सर्टिफिकेट विभिन्न उत्पादों के लिए जारी किया जाता है। इसमें फूड प्रोडक्ट्स, रेस्टोरेंट में सर्व किए जाने वाले भोजन, फार्मास्यूटिकल्स, कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के लिए भी हलाल सर्टिफिकेशन जारी किया जाता है, ताकि वे इस्लामिक मानकों के अनुरूप साबित हो सकें।
भारत में हलाल सर्टिफिकेट जारी करने की जिम्मेदारी कई ऑथराइज्ड एजेंसियों की होती है, जो अंतरराष्ट्रीय इस्लामिक संगठनों द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इनमें जमीयत उलमा-ए-हिंद हलाल ट्रस्ट, हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हलाल सर्टिफिकेशन सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया जैसी प्रमुख एजेंसियां शामिल हैं।