यशस्वी जायसवाल, जो अपने संघर्ष और मेहनत से भारतीय क्रिकेट टीम तक पहुंचे, ने एक बड़ा फैसला लिया है। आईपीएल 2025 के बीच में उन्होंने मुंबई की घरेलू क्रिकेट टीम छोड़कर गोवा के लिए खेलने का निर्णय किया है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: मुंबई टीम के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल ने मंगलवार को मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को एक मेल भेजकर अपने फैसले की जानकारी दी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यशस्वी जल्द ही मुंबई टीम को छोड़कर गोवा टीम में शामिल हो सकते हैं। इस खबर ने क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया है। 23 वर्षीय यशस्वी ने मुंबई की टीम से खेलते हुए ही भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाई थी। अब ऐसा माना जा रहा है कि यशस्वी अगले सीजन में गोवा टीम के कप्तान बन सकते हैं। कप्तानी की भूमिका मिलने की संभावना के कारण ही यशस्वी ने यह निर्णय लिया है।
कप्तानी का सपना, मुंबई से विदाई
23 वर्षीय यशस्वी जायसवाल ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को एक मेल लिखकर अपनी इच्छाओं को स्पष्ट किया। उन्होंने एनओसी (नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के लिए आवेदन किया, जिसे एसोसिएशन ने स्वीकार कर लिया है। जायसवाल ने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि कप्तानी की चाहत ने इस बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई है।
गोवा क्रिकेट एसोसिएशन ने यशस्वी को अपनी टीम का नेतृत्व करने का प्रस्ताव दिया है। मुंबई में अजिंक्य रहाणे और श्रेयस अय्यर जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी में यशस्वी के लिए कप्तानी करना लगभग नामुमकिन था। वहीं, गोवा में उन्हें अपने नेतृत्व कौशल को निखारने का मौका मिलेगा।
मुंबई से गोवा का सफर
यशस्वी जायसवाल का संघर्ष और मेहनत मुंबई की गलियों से शुरू हुआ। कभी गोलगप्पे बेचकर गुजारा करने वाले यशस्वी ने मुंबई टीम के लिए खेलते हुए भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह पक्की की। रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में उनके शानदार प्रदर्शन ने ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।गोवा क्रिकेट एसोसिएशन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी टीम को मजबूत बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
अर्जुन तेंदुलकर और सिद्धेश लाड जैसे खिलाड़ियों के बाद अब यशस्वी का नाम भी इस सूची में शामिल हो गया है। गोवा की टीम ने हाल ही में नॉकआउट स्टेज में क्वालीफाई किया है, और यशस्वी की मौजूदगी से टीम की ताकत और बढ़ेगी।
आईपीएल में रहा निराशाजनक प्रदर्शन
आईपीएल 2025 में यशस्वी का प्रदर्शन उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं रहा। राजस्थान रॉयल्स के लिए तीन मैचों में वे मात्र 34 रन बना सके। उनका औसत 11 और स्ट्राइक रेट 106 रहा। आईपीएल के दौरान ही उन्होंने एमसीए को मेल किया और एनओसी हासिल कर ली। मुंबई से गोवा की इस नई पारी में यशस्वी जायसवाल का प्रदर्शन कैसा रहेगा, यह देखने वाली बात होगी। कप्तानी का अनुभव उन्हें न केवल बतौर खिलाड़ी बल्कि एक नेता के रूप में भी निखारने में मदद करेगा। मुंबई को छोड़ने का यह कदम उनके करियर में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।