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World Chess Championship: गुकेश और लिरेन के बीच लगातार पांचवा मुकाबला रहा ड्रॉ, आठवी बाजी के बाद दोनों का स्कोर 4-4 से बराबर

World Chess Championship: गुकेश और लिरेन के बीच लगातार पांचवा मुकाबला रहा ड्रॉ, आठवी बाजी के बाद दोनों का स्कोर 4-4 से बराबर
अंतिम अपडेट: 05-12-2024

आठवें दौर में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिसमें करीब साढ़े चार घंटे और 51 चालों तक संघर्ष चला। आखिरकार, दोनों खिलाड़ियों ने बाजी को ड्रॉ करने का फैसला किया। आठ दौर के बाद दोनों खिलाड़ी 4-4 अंकों की बराबरी पर हैं।

स्पोर्ट्स न्यूज़: विश्व शतरंज खिताब के आठवें दौर में भारतीय ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश और मौजूदा चैंपियन डिंग लिरेन के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। 18 वर्षीय गुकेश ने काले मोहरों से खेलते हुए ओपनिंग में डिंग को चौंका दिया, जिससे शुरुआती दौर में डिंग का दबदबा कमजोर पड़ गया। गुकेश ने डिंग को दबाव में रखा और यह लगभग तय हो गया था कि डिंग इस बाजी को नहीं जीत पाएंगे।

हालांकि, बाजी के निर्णायक क्षणों में गुकेश ने दो बार गलत चाल चल दी, जिससे जीतने का सुनहरा मौका हाथ से निकल गया। साढ़े चार घंटे के इस मुकाबले में 51 चालों के बाद दोनों खिलाड़ियों ने बाजी को ड्रॉ करने पर सहमति जताई। यह उनकी लगातार पांचवीं ड्रॉ बाजी थी। आठ दौर के बाद दोनों खिलाड़ी 4-4 अंकों की बराबरी पर हैं।

गुकेश ने आठवें दौर में किया शानदार प्रदर्शन 

गुकेश ने डिंग लिरेन के खिलाफ आठवें दौर में शानदार खेल दिखाया, जहां उन्होंने शतरंज के इतिहास में एक नई चाल खेली, जिसे नावेल्टी (novelty) कहा जाता है। यह चाल ऐसी थी जो पहले कभी नहीं चली गई थी, और इसने डिंग को असहज कर दिया। हालांकि डिंग घबराए नहीं, लेकिन उन्हें अपनी योजनाएं बदलनी पड़ीं। इस चाल ने शुरुआत में डिंग के लिए स्थिति को कठिन बना दिया, लेकिन अंततः दोनों खिलाड़ियों के बीच ड्रॉ हुआ। डिंग ने इस मुकाबले के बाद स्वीकार किया कि वह कभी भी जीतने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन गुकेश की ओपनिंग से वह असहज जरूर हुए थे।

आठवें दौर में, डिंग लिरेन समय के दबाव में थे और उन्हें केवल 16 मिनट में 16 चालें चलनी थीं। इस दौरान गुकेश जीतने की स्थिति में थे, लेकिन उन्होंने भी कुछ गलतियां कर दीं, जिससे मुकाबला ड्रॉ की ओर बढ़ गया। 41वीं चाल में डिंग ने चालों का दोहराव किया, जिसके बाद मुकाबला ड्रॉ समझा जाता है। हालांकि, गुकेश ने यहां ड्रॉ का प्रस्ताव ठुकराया और एक जैसी चाल नहीं चली।

यह विश्व चैंपियनशिप में दूसरा मौका था जब गुकेश ने ड्रॉ का प्रस्ताव ठुकराया। हालांकि, डिंग ने मजबूत रक्षण के साथ गुकेश की योजनाओं को सफल नहीं होने दिया और अंततः मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ।

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