शेयर बाजार में आज भारी गिरावट आई, जिसकी वजह फार्मा टैरिफ की आशंका, रिलायंस के शेयरों में गिरावट और वैश्विक बाजारों में मंदी का दबाव रही। सेंसेक्स 860 अंक टूटा, निफ्टी 23,000 के नीचे।
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार (4 अप्रैल) को जोरदार गिरावट देखने को मिली। निवेशकों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संभावित टैरिफ प्रस्तावों और संभावित ट्रेड वॉर को लेकर चिंता बढ़ गई, जिससे बाजार में बिकवाली का दौर हावी रहा।
बीएसई सेंसेक्स 860 अंकों की गिरावट के साथ 75,436 के निचले स्तर तक पहुंचा, जबकि एनएसई निफ्टी 23,000 के अहम स्तर को तोड़ते हुए 22,921.60 पर लुढ़क गया। दिनभर में निफ्टी 329 अंक टूटा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2.3% से 2.7% की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें
1. फार्मा सेक्टर पर टैरिफ की आशंका
अमेरिका द्वारा फार्मा सेक्टर पर टैरिफ लगाने की संभावना शेयर बाजार के गिरने की प्रमुख वजहों में से एक रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप फार्मा सेक्टर पर भारी शुल्क लगाने पर विचार कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, "हम फार्मास्यूटिकल्स को एक अलग श्रेणी के रूप में देख रहे हैं। इसका ऐलान जल्द किया जाएगा।" इस बयान के बाद निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 6% तक की गिरावट देखी गई, जबकि कई फार्मा कंपनियों के शेयर 6.25% तक लुढ़क गए।
भारत के फार्मा सेक्टर का अमेरिका को निर्यात कुल $78 बिलियन का 10.3% हिस्सा रखता है। ऐसे में टैरिफ लागू होने से भारत के निर्यात और जीडीपी ग्रोथ पर असर पड़ सकता है।
2. रिलायंस इंडस्ट्रीज में गिरावट
इंडेक्स में भारी वेटेज रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर 4% गिरकर ₹1,195.75 के निचले स्तर पर आ गए। सेंसेक्स में 11.25% हिस्सेदारी रखने वाली RIL ने आज की कुल गिरावट में लगभग 50% योगदान दिया।
गिरावट की वजह रही कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट। ब्रेंट क्रूड 7% टूटकर $70 और WTI क्रूड $66 प्रति बैरल तक आ गया। OPEC+ ने मई में उत्पादन बढ़ाकर 4.11 मिलियन बैरल प्रतिदिन करने का फैसला किया, जिससे तेल की कीमतों में और गिरावट आई। चूंकि रिलायंस की कुल आय में तेल और पेट्रोकेम बिजनेस का 60% हिस्सा है, इसलिए यह गिरावट कंपनी की कमाई पर दबाव बना सकती है।
3. लार्जकैप शेयरों में मुनाफावसूली
बाजार में भारी गिरावट के बीच कई अन्य लार्जकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, एलएंडटी, इंडसइंड बैंक, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस, मारुति सुजुकी, एनटीपीसी, एशियन पेंट्स और टाइटन के शेयरों में 1% से 6% तक की गिरावट आई।
विशेष रूप से टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और आईटी कंपनियों को सबसे अधिक नुकसान हुआ, क्योंकि उनकी कमाई अमेरिका, यूके और यूरोप पर निर्भर करती है। अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता ने इन शेयरों पर दबाव बनाया।
वैश्विक बाजारों में भी गिरावट का दौर
एशियाई बाजारों में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली। ट्रंप के टैरिफ प्रस्ताव और अमेरिका में मंदी की आशंका से निवेशक सतर्क दिखे। जापान का निक्केई इंडेक्स 3% टूटा, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 2.44% गिरा, और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.78% फिसला। चीन और हांगकांग के बाजार आज छुट्टी के कारण बंद थे।
अमेरिकी बाजारों में भी गुरुवार को तेज गिरावट रही। S&P 500 में 4.84%, डाउ जोन्स में 3.98% और नैस्डैक में 5.97% की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों के फ्यूचर्स भी दबाव में दिखे। डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.31%, S&P 500 फ्यूचर्स 0.29% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.28% तक नीचे थे।