हिंदू धर्म में संतोषी माता को सुख-समृद्धि और शांति की देवी माना जाता है। मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा से माता की आराधना करता है, उसके जीवन से कष्ट दूर हो जाते हैं और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से शुक्रवार के दिन संतोषी माता की पूजा और आरती करने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन उपवास रखने और माता की भक्ति में लीन रहने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।
क्यों करें शुक्रवार को संतोषी माता की पूजा
शुक्रवार का दिन संतोषी माता को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता की पूजा करने से न केवल पारिवारिक कलह दूर होती है, बल्कि धन-धान्य की भी वृद्धि होती है। जो भक्त श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं और माता की आरती गाते हैं, उन पर मां संतोषी की विशेष कृपा बरसती है।
संतोषी माता की पूजा विधि
शुक्रवार के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और माता की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। प्रसाद के रूप में गुड़ और चने का भोग अर्पित करें, क्योंकि माता को यह अत्यंत प्रिय हैं। साथ ही, पूजा के दौरान खट्टे पदार्थों के सेवन से बचें। अंत में श्रद्धा के साथ संतोषी माता की आरती करें और माता से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें।
शुक्रवार व्रत की महिमा
संतोषी माता के व्रत को बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। यह व्रत 16 शुक्रवार तक रखा जाता है और इस दौरान व्रती को खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत के समापन पर जरूरतमंदों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह व्रत करने से व्यक्ति की हर समस्या दूर हो जाती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
आरती का महत्व
संतोषी माता की आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आरती के दौरान दीप जलाने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। आरती गाने से मन को शांति मिलती है और भक्त का आत्मविश्वास बढ़ता है।
जय संतोषी माता आरती
जय संतोषी माता, मैया जय संतोषी माता।
तू वर देने वाली, माता तू वर देने वाली।।
जय संतोषी माता...
जो तुझे ध्याता, मन वांछित फल पाता।
कष्ट मिटे सब के, मैया कष्ट मिटे सब के।।
जय संतोषी माता...
घट-घट में है वास, सबका तू आधार।
मंगल की दाता, मैया मंगल की दाता।।
जय संतोषी माता...
संतोष रूप तेरी, मन बसिया है मोरा।
पूर्ण करू आशा, मैया पूर्ण करू आशा।।
जय संतोषी माता...
दुखियों की संबल, तू ही है आधार।
कर कृपा हम पर, मैया कर कृपा हम पर।।
जय संतोषी माता...
भक्ति से जो गावे, प्रेम सहित दरशावे।
सुख-समृद्धि पावे, मैया सुख-समृद्धि पावे।।
जय संतोषी माता...
इस आरती को भक्त भावपूर्वक गाते हैं और माता से आशीर्वाद की कामना करते हैं।
मां की कृपा पाने के लिए क्या करें
• हर शुक्रवार माता संतोषी का व्रत रखें।
• पूजा के समय गुड़-चने का भोग लगाएं।
• खट्टे पदार्थों का सेवन न करें।
• घर में संतोषी माता की आरती करें।
• व्रत पूरा होने पर कन्याओं को भोजन कराएं।
श्रद्धा से करें आराधना, मिलेगी मनचाही सफलता
संतोषी माता की आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। माता की भक्ति से सभी दुख दूर हो जाते हैं और परिवार में खुशहाली बनी रहती है। इसलिए यदि आप भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति चाहते हैं, तो हर शुक्रवार श्रद्धा और भक्ति के साथ माता की पूजा और आरती अवश्य करें। इससे आपको निश्चित रूप से माता की कृपा प्राप्त होगी।