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Nanda Nilekani: सौर ऊर्जा और EV बैटरी से बदलेगा सिस्टम! नंदन नीलेकणी ने किया बड़ा खुलासा

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नंदन नीलेकणी का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा, जैसे UPI ने वित्तीय क्षेत्र में किया। हर घर सोलर पैनल और EV बैटरी से ऊर्जा उत्पादक बन सकता है।

Nanda Nilekani: इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के निर्माता नंदन नीलेकणी का मानना है कि भारत में ऊर्जा क्षेत्र में अगला बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, ठीक वैसे ही जैसे यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वित्तीय क्षेत्र में क्रांति ला दी। उन्होंने इस बदलाव को देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की भागीदारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया।

हर घर बनेगा ऊर्जा उत्पादक और विक्रेता

एक कार्यक्रम के दौरान उद्यमियों से चर्चा करते हुए नीलेकणी ने कहा कि अब तक बिजली की आपूर्ति पारंपरिक ग्रिड सिस्टम के माध्यम से होती थी, लेकिन भविष्य में हर घर ऊर्जा का उत्पादक, विक्रेता और खरीदार बन सकता है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरियों के माध्यम से घर-घर ऊर्जा उत्पादन संभव होगा, जिससे उपभोक्ता ही बाजार का हिस्सा बन जाएंगे।

ऊर्जा उपभोग में बदलाव की तैयारी

नीलेकणी ने बताया कि वर्तमान में लोग छोटे पैमाने पर एलपीजी सिलेंडर की तरह ऊर्जा खरीदते हैं, लेकिन बिजली के लिए अब तक पूरी तरह से ग्रिड पर निर्भरता रही है। आने वाले समय में हर घर अपनी ऊर्जा खुद पैदा कर सकेगा और जरूरत के हिसाब से इसे बेच या इस्तेमाल कर सकेगा। यह ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने वाला कदम साबित होगा।

UPI की तरह ऊर्जा क्षेत्र में भी क्रांति संभव

नीलेकणी ने UPI की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह UPI ने वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल भुगतान को आसान और सुलभ बनाया, उसी तरह ऊर्जा क्षेत्र में भी नई तकनीकों के माध्यम से बड़ा बदलाव होगा।

UPI की सफलता और अंतरराष्ट्रीय विस्तार

UPI पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र की रीढ़ बन चुका है और यह अब देश के 80 प्रतिशत रिटेल भुगतान का हिस्सा बन गया है। इसकी सरलता और व्यापक बैंकिंग नेटवर्क के चलते यह करोड़ों यूज़र्स के लिए पसंदीदा भुगतान प्रणाली बन चुकी है। यही नहीं, UPI अब वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना चुका है।

UPI की वैश्विक स्वीकृति

UPI की सफलता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब सात देशों में सक्रिय है। वर्तमान में यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस जैसे देशों में भी इसका उपयोग किया जा रहा है, जिससे भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय भुगतान भी कर सकते हैं।

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