શેક્સપિઅર: ભારતીય શેરબજારમાં મજબૂત શરૂઆત, સેન્સેક્સ અને નિફ્ટીમાં વધારો

11 ડિસેમ્બર 2025ના રોજ ભારતીય શેરબજારમાં મજબૂત શરૂઆત જોવા મળી. સેન્સેક્સ અને નિફ્ટીમાં વધારો, ફેડરલ રિઝર્વના નિર્ણય અને વૈશ્વિક બજારની સ્થિતિ વિશે જાણો.

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूत शुरुआत के साथ खुला। सेंसेक्स 84,456 और निफ्टी 25,771 पर ट्रेड कर रहे हैं। अमेरिकी फेड की ब्याज दर कटौती और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव से निवेशक अपने पोर्टफोलियो को समायोजित कर रहे हैं।

शेयर बाजार की नवीनतम जानकारी: गुरुवार, 11 दिसंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। एशियाई बाजारों में तेजी और अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती का असर निवेशकों पर देखा गया। हालांकि, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल के हालिया बयान का विश्लेषण कर रहे हैं।

सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती स्थिति

तीस शेयरों वाला BSE Sensex मजबूती के साथ 84,456 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में इंडेक्स में हल्की तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिली। सुबह 9:20 बजे सेंसेक्स 16.36 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 84,407.63 पर ट्रेड कर रहा था।

इसी तरह NSE Nifty-50 25,771 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव दिखा। सुबह 9:22 बजे यह 31.80 अंक या 0.12 प्रतिशत की बढ़त लेकर 25,789.80 पर ट्रेड कर रहा था।

इन शुरुआती उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक बाजार में दीर्घकालिक रुझानों और फेडरल रिजर्व के फैसलों को ध्यान में रखते हुए पोर्टफोलियो को समायोजित कर रहे हैं।

अमेरिका के फेडरल रिजर्व का फैसला

बुधवार को फेडरल रिजर्व ने लगातार तीसरी बार अपनी मुख्य ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। इस कटौती के बाद दर लगभग 3.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे कम स्तर है।

फेड ने संकेत दिया है कि अब वह कुछ समय तक दरों में बदलाव का निर्णय अगले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर करेगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आगे की दरों में कटौती या स्थिरता तय करेगा।

फेड के चेयरमैन जेरोम पावेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मौजूदा ब्याज दर न तो अर्थव्यवस्था को अधिक तेज़ कर रही है और न ही धीमा कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर एक और कटौती की संभावना है।

इस कदम का वैश्विक मार्केट पर असर देखा जा रहा है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 98.54 के निचले स्तर पर आ गया और निवेशक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर तलाश रहे हैं।

एशियाई और वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में गुरुवार को मिली-जुली स्थिति रही।

  • चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़ा।
  • हांगकांग का Hang Seng 0.66 प्रतिशत चढ़ा।
  • दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.67 प्रतिशत मजबूत हुआ।
  • वहीं, जापान का Nikkei 0.39 प्रतिशत गिर गया।

अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को मजबूती रही।

  • Dow Jones 1.05 प्रतिशत,
  • S&P 500 0.67 प्रतिशत,
  • Nasdaq 0.3 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ।

इससे यह संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशक फेडरल रिजर्व की नीतियों के मुताबिक अपने पोर्टफोलियो को समायोजित कर रहे हैं।

कमोडिटी मार्केट अपडेट: चांदी और डॉलर की चाल

फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती के बाद चांदी की कीमतें LSEG के आंकड़ों के अनुसार 62.6 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। निवेशक इसे सुरक्षित निवेश और स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव के दौरान एक आकर्षक विकल्प मान रहे हैं।

वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 98.54 के निचले स्तर पर आ गया। डॉलर की कमजोरी से वैश्विक निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार और कमोडिटी निवेश में रुचि बढ़ सकती है।

IPO अपडेट

शेयर बाजार में IPO (Initial Public Offerings) की गतिविधियां भी जारी हैं। शेयर बाजार में मैनबोर्ड सेगमेंट में Corona Remedies और Wakefit Innovations Limited के IPO का फाइनल अलॉटमेंट किया जाएगा।

एसएमई केटेगरी में HRS Aluglez और Pajson Agro India IPO के लिए सब्सक्रिप्शन शुरू हो गया है। इसके अलावा Western Overseas Study Abroad और Luxury Time के शेयर लिस्ट होंगे।

पूर्व में Riddhi Display Equipments, Prodox Solutions, और K.V. Toys India के IPO का अलॉटमेंट फाइनल किया जा चुका है। निवेशकों के लिए यह अवसर नए स्टॉक्स में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाता है।

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