पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत पर CBI ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ ₹1085 करोड़ के लोन धोखाधड़ी मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि लोन की राशि का गलत उपयोग किया गया।
New Delhi: देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाने वाले Anil Ambani की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation यानी CBI ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सरकारी बैंक Punjab National Bank की शिकायत के आधार पर की गई है।
बैंक का आरोप है कि अनिल अंबानी की कंपनी ने लोन लेने के बाद उस धनराशि का सही उपयोग नहीं किया और बैंक को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया। इस मामले में भारतीय दंड संहिता यानी IPC की धारा 420 और 120B के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
1085 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा मामला
सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार यह मामला करीब 1085 करोड़ रुपये के लोन से जुड़ा हुआ है। शिकायत में कहा गया है कि यह लोन 2013 से 2017 के बीच लिया गया था। बैंक का आरोप है कि लोन लेते समय कंपनी की ओर से सही जानकारी नहीं दी गई और बाद में इस धनराशि का उपयोग उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया जिसके लिए इसे मंजूरी दी गई थी।

रिलायंस कम्युनिकेशंस पर भी लगे आरोप
इस पूरे मामले में Reliance Communications को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई का कहना है कि कंपनी के कुछ तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने मिलकर बैंक को गलत जानकारी दी और लोन प्राप्त किया। इसके बाद उस धनराशि के उपयोग में भी अनियमितताएं सामने आईं।
एफआईआर में अनिल अंबानी के साथ-साथ कंपनी के कुछ अन्य अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही और क्या किसी प्रकार की साजिश के तहत बैंक को नुकसान पहुंचाया गया।
बैंक की शिकायत में क्या कहा गया
पंजाब नेशनल बैंक की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने बैंक से बड़ी राशि का लोन लिया था, लेकिन बाद में उसे वापस करने में विफल रही। बैंक का यह भी आरोप है कि लोन की राशि को जानबूझकर दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह मामला केवल लोन डिफॉल्ट का नहीं बल्कि आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी का भी हो सकता है। इसी कारण बैंक ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को शिकायत सौंपी।











