26/11 मुंबई हमला: NIA ने तहव्वुर राणा के खिलाफ दाखिल किया पूरक आरोपपत्र, न्यायिक हिरासत 13 अगस्त तक बढ़ी

26/11 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ NIA ने एक और पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। कोर्ट ने उसकी न्यायिक हिरासत 13 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी है।

भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और नासा के एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन में शामिल अन्य तीन चालक दल के सदस्य 14 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर वापसी करेंगे।

मुंबई: भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले (Mumbai Terror Attack) के एक अहम आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा (Tahawwur Hussain Rana) के खिलाफ एक और पूरक आरोपपत्र (Supplementary Chargesheet) विशेष अदालत में दाखिल किया है। इस पूरक चार्जशीट में एनआईए ने तहव्वुर राणा की संदिग्ध गतिविधियों, उसके भारत में नेटवर्क और हमले की साजिश में उसकी भागीदारी के नए सबूत पेश किए हैं।

तहव्वुर राणा को 13 अगस्त 2025 तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया गया है। यह फैसला तब आया जब उसकी वर्तमान हिरासत की अवधि समाप्त होने पर उसे विशेष न्यायाधीश चंदर जीत सिंह की अदालत में पेश किया गया।

डेविड हेडली का करीबी सहयोगी है तहव्वुर राणा

तहव्वुर राणा, अमेरिका और पाकिस्तान की दोहरी नागरिकता रखने वाला एक पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी है। वह 26/11 हमले के मुख्य षड्यंत्रकारी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी (David Coleman Headley aka Daood Gilani) का बेहद करीबी साथी माना जाता है। हेडली ने अमेरिका में गवाही दी थी कि राणा ने उसे भारत में कवर स्टोरी (Cover) और सुविधाएं प्रदान की थीं ताकि वह मुंबई में लक्ष्यों की रेकी कर सके।

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एनआईए के अनुसार, राणा न केवल हेडली की भारत यात्रा में मदद कर रहा था, बल्कि वह लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) और ISI (Inter-Services Intelligence) के संपर्क में भी था। जांच एजेंसी का दावा है कि राणा की भूमिका सिर्फ लॉजिस्टिक सहायता तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह भारत में आतंकी नेटवर्क को सक्रिय करने की कोशिशों में भी शामिल था।

भारत प्रत्यर्पण के बाद बढ़ी पूछताछ की गति

गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2024 में तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अंतिम याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद, भारतीय अधिकारियों ने उसे अमेरिका से प्रत्यर्पित कर 2024 में भारत लाया। तब से लेकर अब तक एनआईए उसकी कई बार पूछताछ कर चुकी है और उसके खिलाफ दस्तावेजी सबूत इकट्ठा किए हैं।

एनआईए के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में राणा की ईमेल गतिविधियां, कॉल रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांजैक्शन्स, और कुछ गोपनीय दस्तावेज शामिल हैं, जो उसके और हेडली के बीच के संबंधों को और स्पष्ट करते हैं। अदालत 13 अगस्त को इस पूरक आरोपपत्र पर औपचारिक रूप से विचार करेगी।

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26/11 हमला: भारत पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला

26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने समुद्री मार्ग के जरिए मुंबई में प्रवेश किया था। तीन दिन तक चले इस आतंकवादी हमले में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (CST) रेलवे स्टेशन, ताज होटल, ओबेरॉय ट्राइडेंट होटल और नरीमन हाउस (यहूदी केंद्र) को निशाना बनाया गया था। इस क्रूर हमले में 166 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। पूरी दुनिया ने इस हमले की निंदा की थी और इसे भारत के खिलाफ एक 'war-like' हमला माना गया।

अदालत अब 15 जुलाई 2025 को तहव्वुर राणा की एक अन्य अर्जी पर सुनवाई करेगी, जिसमें उसने अपने परिवार से फोन पर बात करने की अनुमति मांगी है। NIA ने इस अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।

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