Indian Premier League का नया सीजन अब बेहद करीब है और 28 मार्च को पहला मुकाबला खेला जाएगा। बेंगलुरु में Royal Challengers Bengaluru और Sunrisers Hyderabad की टीमें आमने-सामने होंगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग इंडियन प्रीमियर लीग का नया सीजन शुरू होने वाला है और हर बार की तरह इस बार भी खिलाड़ियों की सैलरी और टीमों के खर्चे चर्चा में हैं। हालांकि मैच के दौरान सबसे अहम भूमिका निभाने वाले अंपायरों की कमाई के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। मैदान पर लिए गए फैसले पूरे मैच का रुख बदल सकते हैं, इसलिए अंपायरों को भी उनकी जिम्मेदारी के अनुसार अच्छी रकम दी जाती है।
रिपोर्ट्स और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आईपीएल में अंपायरों को मिलने वाली रकम का एक अनुमानित हिसाब सामने आता है, जिसमें मैच फीस, रिटेनर और अन्य भत्ते शामिल होते हैं।
मैच में अलग-अलग अंपायरों की अलग भूमिका
किसी भी आईपीएल मैच में सिर्फ दो अंपायर ही नहीं होते, बल्कि पूरी अंपायरिंग टीम काम करती है। मैदान पर दो ऑन-फील्ड अंपायर होते हैं, एक थर्ड अंपायर टीवी रिप्ले के जरिए फैसले लेता है और एक फोर्थ अंपायर मैच संचालन में मदद करता है। अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, आईपीएल में ऑन-फील्ड अंपायर को प्रति मैच लगभग 3 लाख रुपये तक की फीस मिल सकती है। वहीं थर्ड अंपायर और फोर्थ अंपायर को प्रति मैच करीब 2 लाख रुपये के आसपास भुगतान किया जाता है।
यह राशि मैच के आधार पर दी जाती है, इसलिए हर अंपायर हर दिन मैदान पर नहीं होता। पूरे सीजन में अलग-अलग मैचों में ड्यूटी के हिसाब से उनकी कुल कमाई तय होती है।

एलीट पैनल अंपायरों को मिलता है अतिरिक्त पैसा
आईपीएल में कुछ अंपायर ऐसे होते हैं जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के एलीट पैनल में शामिल होते हैं। यह पैनल दुनिया के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद अंपायरों का होता है, जिन्हें बड़े अंतरराष्ट्रीय मैचों में भी जिम्मेदारी दी जाती है। एलीट पैनल के अंपायरों को मैच फीस के अलावा सीजन के लिए अलग से रिटेनर राशि भी मिलती है। अनुमान के मुताबिक, आईपीएल सीजन के लिए उन्हें लगभग 6 से 7 लाख रुपये तक का अतिरिक्त भुगतान किया जा सकता है।
इसके अलावा हर मैच के लिए उन्हें दैनिक भत्ता भी दिया जाता है, जो करीब 10 से 12 हजार रुपये के आसपास माना जाता है। यह भत्ता यात्रा, ठहरने और अन्य खर्चों के लिए दिया जाता है।
अंपायरों का चयन कैसे होता है
आईपीएल में अंपायर बनने के लिए लंबा अनुभव जरूरी होता है। ज्यादातर अंपायर पहले घरेलू क्रिकेट में काम करते हैं और अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों में मौका मिलता है। आईसीसी का एलीट पैनल दुनिया के 10-12 सबसे भरोसेमंद अंपायरों से मिलकर बनता है। इस पैनल में शामिल अंपायरों को टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल के साथ-साथ आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में भी प्राथमिकता मिलती है। इस वजह से एलीट पैनल में शामिल होना अंपायरों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है और इससे उनकी कमाई भी बढ़ जाती है।








