आज भारत दौरे पर आएंगे UAE के राष्ट्रपति अल नाहयान, PM मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक

आज भारत दौरे पर आएंगे UAE के राष्ट्रपति अल नाहयान, PM मोदी के साथ करेंगे द्विपक्षीय बैठक

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। उनकी यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है। 

नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान आज भारत दौरे पर आ रहे हैं। वह भारत के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यूएई राष्ट्रपति की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच बढ़ते तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक स्थिति जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।

भारत-यूएई संबंधों को और मजबूत बनाने का अवसर

विशेषज्ञों के अनुसार, नाहयान की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने का अवसर है। यात्रा का समय विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका संबंधों में गिरावट, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। ऐसे में भारत और UAE के नेताओं के बीच इस क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की यह भारत की तीसरी आधिकारिक यात्रा है, जबकि पिछले दस वर्षों में यह उनकी पांचवीं यात्रा है।

चर्चा के मुख्य मुद्दे

यात्रा के दौरान दोनों देश व्यापार और निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग, ऊर्जा पहल और तकनीकी साझेदारी जैसे विषयों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा, दोनों देश वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेंगे। विशेष रूप से, भारत और UAE ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर सहयोग को लेकर अहम कदम उठा रहे हैं। इस बैठक से ऊर्जा क्षेत्र में नए समझौते और निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

भारत और UAE के बीच 2022 में हस्ताक्षरित व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) द्विपक्षीय संबंधों में निर्णायक मोड़ साबित हुआ है। CEPA के तहत हजारों उत्पादों पर शुल्क कम किए गए, जिससे भारतीय इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात बढ़ा है। इसके अलावा, UAE ने भारत के बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश को सुगम बनाया है। इसके चलते दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक सहयोग और निवेश के नए अवसर खुल गए हैं।

2025 में भारत और UAE के बीच गैर-तेल व्यापार ने नई ऊंचाईयों को छू लिया। केवल वर्ष की पहली छमाही में गैर-तेल व्यापार लगभग 37.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34% की वृद्धि है। इस वृद्धि से दोनों देश 2030 तक 100 अरब डॉलर के गैर-तेल व्यापार लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं। 

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