कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और AISA ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की, लेकिन इसके शुरू होते ही वहां हंगामा होने लगा। इस दौरान कुछ लोग ‘बंद करो’ के नारे लगाते नजर आए।
CJP-AISA Press Conference: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होते ही वहां विरोध और नारेबाजी देखने को मिली। इसके बावजूद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और AISA से जुड़ी नेहा बोरा ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। दीपके ने घोषणा की कि उनकी पार्टी 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिर से प्रदर्शन करेगी। वहीं, नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने और कथित तौर पर मारपीट करने जैसी कार्रवाई से आंदोलन को रोका नहीं जा सकता।
16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने आगामी प्रदर्शन की जानकारी देते हुए कहा कि CJP 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन करेगी। उनके मुताबिक, आंदोलन से जुड़े छात्र संगठनों और युवाओं की आवाज लगातार उठाई जा रही है। दीपके ने दावा किया कि पिछले 10 से 15 दिनों के दौरान दिल्ली में कई छात्र संगठन और युवा सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया गया और कुछ लोगों को सड़कों पर घसीटा गया। उनके बयान में नेहा, आइशी, विराज और ईशना सहित कई लोगों का जिक्र किया गया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन दावों और संबंधित घटनाओं के संबंध में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल
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अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार कथित तौर पर केवल अपने राजनीतिक नेतृत्व की बात सुन रहे हैं। दीपके ने यह भी सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई किस उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले विपक्षी नेताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख चेहरों को भी हिरासत में लिया गया है। अपने बयान में उन्होंने ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और पिनाराई विजयन का उल्लेख किया। दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए परिवहन सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े असाधारण कदम उठाए गए। उन्होंने रेलवे और दिल्ली मेट्रो सेवाओं को बंद किए जाने तथा जम्मू-कश्मीर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षा बल बुलाए जाने का भी दावा किया।
इन आरोपों के संदर्भ में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान अपने आप में संबंधित घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हैं। परिवहन सेवाओं पर असर, सुरक्षा बलों की तैनाती और कार्रवाई के कारणों को समझने के लिए आधिकारिक जानकारी की जरूरत होगी।
नेहा बोरा बोलीं- कार्रवाई से नहीं रुकेगा आंदोलन
AISA से जुड़ी नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर और मुंबई के शिवाजी पार्क सहित विभिन्न स्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि आम और गरीब परिवारों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाई जाती रहेगी। नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों को परेशान किया गया और प्रेस कार्ड होने के बावजूद कुछ पत्रकारों को घटनाओं की कवरेज करने से रोका गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली की सड़कों पर आम लोगों के साथ सख्ती की गई।
उनका कहना था कि हिरासत में लेने या कथित तौर पर मारपीट करने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। नेहा ने संकेत दिया कि संगठन अलग-अलग शहरों में अपनी गतिविधियां जारी रखने के पक्ष में हैं।










