Adani Defence और Embraer ने भारत में E175 जेट की Final Assembly Line स्थापित करने का समझौता किया। इससे ‘Make in India’ को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार पैदा होंगे और क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार होगा।
Business: भारत के एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। Adani Defence and Aerospace और ब्राजील की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी Embraer ने मिलकर भारत में E175 क्षेत्रीय जेट विमानों की Final Assembly Line स्थापित करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। इस समझौते को ‘Make in India’ अभियान के लिए एक नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस उन्नत समझौता ज्ञापन यानी MOU का आदान-प्रदान किया गया। इस मौके पर ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal भी मौजूद रहे। यह साझेदारी भारत के विमान निर्माण क्षेत्र को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
E175 जेट की भारत में Final Assembly Line
इस डील के तहत E175 क्षेत्रीय जेट की Final Assembly Line यानी FAL भारत में स्थापित की जाएगी। इसका मतलब यह है कि इन विमानों का अंतिम निर्माण और असेंबली भारत में ही होगी। इससे देश में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
E175 एक आधुनिक क्षेत्रीय जेट है, जिसमें अधिकतम 88 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यह विमान खास तौर पर दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के बीच हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए उपयुक्त माना जाता है। ऐसे कई एयरपोर्ट हैं जहां बड़े विमानों की सेवा सीमित है। वहां यह जेट बेहतर विकल्प बन सकता है।
‘Make in India’ को मिलेगा बढ़ावा
भारत सरकार लंबे समय से ‘Make in India’ अभियान के तहत रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है। इस समझौते को उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
जब किसी बड़े विमान की असेंबली लाइन देश में स्थापित होती है तो केवल विमान निर्माण ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ा पूरा सप्लाई चेन सिस्टम भी विकसित होता है। छोटे और मध्यम उद्योगों को पार्ट्स और कंपोनेंट्स सप्लाई करने का मौका मिलता है। इससे देश में तकनीकी विशेषज्ञता बढ़ती है और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता मजबूत होती है।
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यह पहल भारत को केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।
रणनीतिक सहयोग की अगली कड़ी
यह समझौता 27 जनवरी को घोषित रणनीतिक सहयोग के बाद अगला बड़ा कदम है। शुरुआती MOU के बाद अब यह विस्तृत समझौता भारत में एकीकृत Regional Transport Aircraft पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा है।
इस पहल का उद्देश्य केवल विमान असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल यानी MRO सुविधाओं के विकास को भी शामिल करता है। इससे भारत में एविएशन सेक्टर का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा।
क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार
भारत जैसे बड़े देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है। कई छोटे शहर ऐसे हैं जहां हवाई सेवा सीमित है या बड़े विमानों के लिए पर्याप्त यात्री नहीं मिलते। ऐसे में E175 जैसे क्षेत्रीय जेट नए रूट खोलने में मददगार साबित हो सकते हैं।
यह विमान कम दूरी के रूट्स पर बेहतर ईंधन दक्षता और विश्वसनीय परिचालन की सुविधा देता है। इससे एयरलाइंस को भी लागत नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। यात्रियों के लिए यह सुविधा तेज और आरामदायक सफर का विकल्प बनेगी।
दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों को मेट्रो शहरों से जोड़ने में यह जेट अहम भूमिका निभा सकता है। इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर भी बढ़ेंगे।
भारत-ब्राजील संबंधों में नई मजबूती
इस साझेदारी का एक कूटनीतिक पहलू भी है। भारत और ब्राजील के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध रहे हैं। एयरोस्पेस जैसे हाई-टेक सेक्टर में सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगा।
ब्राजील की Embraer वैश्विक स्तर पर क्षेत्रीय जेट निर्माण के लिए जानी जाती है। भारत में असेंबली लाइन स्थापित करने से तकनीकी सहयोग और ज्ञान हस्तांतरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। इससे भारतीय इंजीनियरों और तकनीशियनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग और अनुभव मिलेगा।









