Asian Development Bank (ADB) ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास अनुमान में कटौती की है, हालांकि इसका नया अनुमान International Monetary Fund (IMF) के पूर्वानुमान से अधिक है। ADB की ‘एशियन डेवलपमेंट आउटलुक’ रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अप्रैल में लगाए गए 6.9 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
बिजनेस न्यूज़: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगे ईंधन और बढ़ती परिवहन लागत जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि, यह अनुमान अभी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान से अधिक है।
ADB की 'एशियन डेवलपमेंट आउटलुक' रिपोर्ट के अनुसार, भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहेगा। बैंक ने कहा है कि नीतिगत सुधार, सार्वजनिक निवेश, मजबूत सेवा क्षेत्र और घरेलू मांग भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ADB ने क्यों घटाया विकास अनुमान?
ADB ने अप्रैल में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत रखा था। अब इसे घटाकर 6.6 प्रतिशत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस संशोधन की मुख्य वजहों में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, परिवहन लागत में वृद्धि और इनका उपभोक्ता धारणा (Consumer Sentiment) तथा निजी मांग (Private Demand) पर पड़ने वाला असर शामिल है। वैश्विक बाजारों में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियां भी आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं।
IMF से ज्यादा आशावादी है ADB का अनुमान
ADB का नया अनुमान अभी भी IMF के पूर्वानुमान से अधिक है। IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। ADB के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में भी मजबूत प्रदर्शन जारी रख सकती है। बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) में भारत की विकास दर बढ़कर 7.3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह अनुमान ADB के पिछले पूर्वानुमान के बराबर है और IMF के FY28 के 6.7 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है।
भारत की ग्रोथ को किन क्षेत्रों से मिलेगा समर्थन?
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ADB ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत की आर्थिक वृद्धि को कई प्रमुख क्षेत्रों से समर्थन मिलने की उम्मीद है। इनमें शामिल हैं:
- नीतिगत सुधारों के जरिए विदेशी निवेश आकर्षित करना
- ईंधन करों में संभावित राहत
- चुनिंदा क्षेत्रों के लिए ऋण सहायता
- सेवा क्षेत्र के निर्यात में मजबूती
- सरकार का बुनियादी ढांचे पर लगातार सार्वजनिक खर्च
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की सेवा क्षेत्र की मजबूत स्थिति और घरेलू निवेश क्षमता लंबी अवधि में आर्थिक विकास को सहारा दे सकती है।
दक्षिण एशिया की विकास दर का अनुमान घटा
ADB ने केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र के विकास अनुमान में भी बदलाव किया है। बैंक ने वर्ष 2026 के लिए दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान पहले के 6.3 प्रतिशत से घटाकर 6.0 प्रतिशत कर दिया है। इस गिरावट के पीछे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक माल ढुलाई लागत और विदेशों से आने वाले धन (Remittances) को लेकर अनिश्चितता को प्रमुख कारण बताया गया है।
आर्थिक विकास अनुमान में कटौती के साथ ADB ने भारत में महंगाई के अनुमान को भी संशोधित किया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की खुदरा महंगाई दर का अनुमान 4.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत कर दिया है। इसका कारण ऊर्जा और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को बताया गया है।
हालांकि, वित्त वर्ष 2027-28 के लिए महंगाई का अनुमान 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है। इससे संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में मूल्य दबाव कम होने की उम्मीद है।








