मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा में ₹710 करोड़ की 239 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। जनसभा में उन्होंने बुंदेलखंड के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और कानून-व्यवस्था में हुए बदलाव का उल्लेख किया।
बांदा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांदा दौरे के दौरान ₹710 करोड़ की 239 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए बुंदेलखंड में पिछले वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, बेहतर बुनियादी ढांचे और कानून-व्यवस्था में आए बदलावों का जिक्र किया।
बांदा को मिली ₹710 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब ₹710 करोड़ लागत की 239 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और विकास कार्यों को गति देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बुंदेलखंड के विकास पर सरकार का जोर
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग नौ वर्ष पहले जब उन्होंने पहली बार बुंदेलखंड का दौरा किया था, तब क्षेत्र कई समस्याओं से जूझ रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय यहां का पिछड़ापन, रोजगार की कमी और पलायन बड़ी चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद बुंदेलखंड के विकास को प्राथमिकता दी गई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र बेहतर सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के जरिए तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे विकास और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले बुंदेलखंड के कई इलाकों में भू-माफिया और डकैतों का प्रभाव देखने को मिलता था, जिससे लोगों के बीच असुरक्षा का माहौल बना रहता था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अपराध पर प्रभावी कार्रवाई की है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज बुंदेलखंड बेहतर कनेक्टिविटी, विकास परियोजनाओं और आधारभूत सुविधाओं के कारण नई पहचान बना रहा है। सरकार का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को रोजगार, बेहतर सुविधाएं और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि पलायन जैसी समस्याओं पर भी प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।









