पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, अभिनेत्री कोयल मलिक के इस्तीफे और एयरपोर्ट मस्जिद विवाद को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी बराबर हैं और किसी भी गलत काम की जांच होगी।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार जारी है। राज्य की शहरी विकास एवं नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अभिषेक बनर्जी को "शेर" बताया था। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि कानून के सामने हर व्यक्ति बराबर है और किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक पहचान के आधार पर छूट नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि जिसने भी गलत काम किया है, उसे जवाब देना होगा। उन्होंने अपने बयान में कहा, "शेर हो या चूहा, सबके पाप का विचार होगा।" उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
अभिषेक बनर्जी को लेकर ममता के बयान पर पलटवार
ममता बनर्जी द्वारा अभिषेक बनर्जी को "शेर" बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कानून से ऊपर खुद को समझता है तो यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस पहले भी अपने नेताओं को इसी तरह मजबूत छवि के साथ पेश करती रही है। उन्होंने बीरभूम के नेता अनुब्रत मंडल का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले उन्हें भी इसी तरह "शेर" बताया गया था और अब अभिषेक बनर्जी को उसी रूप में पेश किया जा रहा है। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता और कानून करता है। किसी भी नेता को जनता और न्याय व्यवस्था से ऊपर नहीं माना जा सकता।
कोयल मलिक के इस्तीफे पर भी अग्निमित्रा पॉल ने उठाए सवाल
अभिनेत्री और टीएमसी की राज्यसभा सदस्य रही कोयल मलिक के इस्तीफे को लेकर भी अग्निमित्रा पॉल ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीति और फिल्मी करियर दोनों को एक साथ संभालने को लेकर स्पष्ट फैसला होना चाहिए। उनके अनुसार, कुछ लोग एक साथ कई क्षेत्रों में सक्रिय रहकर राजनीतिक और व्यक्तिगत लाभ लेने की कोशिश करते हैं। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का उद्देश्य जनता की सेवा करना है तो वह किसी भी मंच से कर सकता है, लेकिन राजनीति में रहते हुए जिम्मेदारियों को निभाना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता ऐसे लोगों को पसंद नहीं करती जो परिस्थितियों के अनुसार अपना राजनीतिक रुख बदलते हैं।
कोलकाता एयरपोर्ट मस्जिद विवाद पर भी दिया बयान
अग्निमित्रा पॉल ने कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी के विरोध पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में विकास कार्यों को धार्मिक राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का विस्तार और नई सुविधाओं का निर्माण राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी है। आधुनिक बुनियादी ढांचे से सभी समुदायों और आम लोगों को फायदा मिलेगा। अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि भाजपा सरकार किसी भी धर्म के साथ भेदभाव नहीं करती और सभी नागरिकों के विकास के लिए काम करती है।
![]()
भाजपा की नीतियों का किया समर्थन
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भाजपा "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" की नीति पर काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, जैन और बौद्ध सहित सभी समुदायों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस लंबे समय से लोगों के बीच डर का माहौल बनाने की कोशिश करती रही है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार आने के बाद किसी भी समुदाय के धार्मिक अधिकारों पर रोक नहीं लगाई गई। उन्होंने वक्फ कानून को लेकर भी कहा कि इस मुद्दे पर लोगों के बीच भ्रम फैलाया गया था, लेकिन समय के साथ वास्तविक स्थिति सामने आ रही है।
एयरपोर्ट विस्तार को बताया विकास का मुद्दा
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कोलकाता एयरपोर्ट के विस्तार का समर्थन करते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि बड़े एयरपोर्ट और नई एयरस्ट्रिप बनने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उनके मुताबिक, विकास परियोजनाओं को राजनीतिक या धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे विकास के मुद्दों को छोड़कर धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
पश्चिम बंगाल में आने वाले चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी और भाजपा लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी, कोयल मलिक और एयरपोर्ट विवाद जैसे मुद्दों पर नेताओं के बयान राजनीतिक माहौल को और गर्म कर रहे हैं। जहां टीएमसी अपने नेताओं का बचाव कर रही है, वहीं भाजपा सरकार और विपक्षी नेताओं पर लगातार हमलावर है।










