भारत AI ऐप्स डाउनलोड में दुनिया में सबसे आगे है, जहां सालाना आधार पर 207 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। देश में हर 5 में से एक AI ऐप डाउनलोड होता है, लेकिन इन-ऐप परचेज में भारतीय यूजर्स अमेरिका से पीछे हैं। मुफ्त ऑफर्स, प्रमोशन और वायरल AI कंटेंट ने डाउनलोड बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाई है।
AI ऐप्स डाउनलोड ट्रेंड्स में भारत: भारत ने जनरेटिव AI ऐप्स डाउनलोड में अमेरिका और अन्य देशों को पीछे छोड़ते हुए 2025-26 में 207 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की है। देश में हर 5 में से एक AI ऐप डाउनलोड भारतीय यूजर्स द्वारा किया जाता है। Google-जियो, Airtel-Perplexity और OpenAI के मुफ्त ऑफर्स के कारण यह तेजी आई है। हालांकि, इन-ऐप खरीदारी में भारतीय यूजर्स अब भी कम सक्रिय हैं, जिससे कंपनियों को मार्केटिंग रणनीतियों में बदलाव करने की जरूरत है।
भारत एआई ऐप्स डाउनलोड में दुनिया में सबसे आगे
भारत ने जनरेटिव AI ऐप्स के डाउनलोड में एक बड़ी छलांग लगाई है और इस मामले में अमेरिका जैसी बड़ी मार्केट को भी पीछे छोड़ दिया है। सेंसर टावर के अनुसार, सालाना आधार पर AI ऐप्स डाउनलोड में भारत में 207 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। दुनिया में हर 5 में से एक AI ऐप डाउनलोड भारत में ही होता है। हालांकि, AI ऐप्स के इस्तेमाल के मामले में अमेरिकी यूजर अभी भी भारतीयों से आगे हैं, क्योंकि वे हर हफ्ते 21 प्रतिशत अधिक समय इन ऐप्स पर व्यतीत करते हैं।

AI ऐप्स डाउनलोड में बढ़त के कारण
भारत में AI ऐप्स के तेजी से डाउनलोड होने का मुख्य कारण मुफ्त ऑफर्स और प्रमोशनल योजनाएं हैं। Google-जियो, Airtel-Perplexity और OpenAI के ChatGPT Go जैसे प्लान्स ने यूजर्स को मुफ्त सेवाओं के जरिए आकर्षित किया। इसके अलावा, AI-जनरेटेड वायरल कंटेंट जैसे गिबली आर्ट, 3D फिगरीन और साड़ी ट्रेंड ने भी ऐप्स की लोकप्रियता बढ़ाई।
भारतीय यूजर्स नए प्लेटफॉर्म्स को अपनाने में तेजी दिखा रहे हैं और नई तकनीक के प्रति उत्साहित हैं। यह ट्रेंड कंपनियों को भारत में AI उत्पादों की मार्केटिंग और लॉन्च रणनीतियों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित कर रहा है।
इन-ऐप परचेज में भारत पीछे
हालांकि, भारतीय यूजर्स ऐप डाउनलोड करने में तो सबसे आगे हैं, लेकिन इन-ऐप खरीदारी में काफी पीछे हैं। 2025 में केवल 1 प्रतिशत भारतीय यूजर्स ने AI ऐप्स में प्रीमियम फीचर्स या अन्य इन-ऐप खरीदारी की। इसका मतलब यह है कि भारतीय मार्केट बड़े डाउनलोड के बावजूद इन-ऐप रेवेन्यू में अपेक्षाकृत कम योगदान दे रहा है।
देश में AI ऐप्स की बढ़ती लोकप्रियता और डाउनलोड की संख्या निवेशकों और कंपनियों के लिए अवसरों की नई राह खोल रही है। लेकिन इसके बावजूद, प्रीमियम फीचर्स और भुगतान आधारित मॉडल को अपनाने में भारतीय यूजर अब भी सतर्क हैं।










