गाजा विवाद पर सियासत तेज: भाजपा ने प्रियंका गांधी को कहा 'फीमेल गजनी'

गाजा विवाद पर सियासत तेज: भाजपा ने प्रियंका गांधी को कहा 'फीमेल गजनी'

प्रियंका गांधी वाड्रा और भारतीय जनता पार्टी के बीच गाजा को लेकर बयान पर सियासी टकराव तेज हो गया है। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे से पहले प्रियंका गांधी ने उनसे गाजा में कथित नरसंहार के मुद्दे को उठाने और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग करने का आग्रह किया था।

नई दिल्ली: गाजा पर हालिया बयान को लेकर प्रियंका गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्राइल में गाजा के मुद्दे पर न्याय और पीड़ितों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की थी। इसके बाद भाजपा ने प्रियंका गांधी पर तीखा हमला बोला और उन्हें भारतीय राजनीति की 'फीमेल गजनी' कहकर निशाना साधा।

प्रियंका गांधी का बयान और मांग

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत को दुनिया के सामने सच, शांति और न्याय की आवाज बनना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस्राइल की संसद में गाजा के मुद्दे का जिक्र करेंगे। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि भारत की परंपरा हमेशा शांति और मानवाधिकारों के पक्ष में रही है।

प्रियंका का यह बयान इस्राइल के हालिया सैन्य अभियान और गाजा में हुई हताहतियों के संदर्भ में आया। उनका कहना था कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पीड़ितों के पक्ष में आवाज उठानी चाहिए और हिंसा के खिलाफ संतुलित रुख अपनाना चाहिए।

भाजपा का तीखा पलटवार

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रियंका गांधी के बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 2008 की फिल्म 'गजनी' का हवाला देते हुए प्रियंका गांधी को 'फीमेल गजनी' कहा। गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि प्रियंका सात अक्तूबर को इस्राइल में हुए हमलों को भूल रही हैं और चुनिंदा आक्रोश दिखा रही हैं।भाटिया ने कहा, 1200 से अधिक निर्दोष लोगों की हत्या और महिलाओं के अपहरण व अत्याचार की निंदा करने का साहस प्रियंका में नहीं है। 

संसद में फलस्तीन लिखे बैग के साथ जाना आसान है, लेकिन आतंकवादी हमलों की खुलकर निंदा करना कठिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस वोटबैंक की राजनीति कर रही है और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित और स्पष्ट रुख अपनाना जरूरी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे से ठीक पहले सामने आया। मोदी बुधवार से दो दिवसीय दौरे पर इस्राइल जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूत करना बताया गया है। सात अक्तूबर को इस्राइल में हुए हमलों के बाद गाजा में हिंसा और सैन्य कार्रवाई तेज हुई। इस क्षेत्रीय तनाव ने भारत में भी राजनीतिक बयानबाजी को बढ़ा दिया। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

गाजा को लेकर भारत में राजनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस का कहना है कि भारत को मानवाधिकारों और न्याय की आवाज बनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भूमिका निभानी चाहिए। वहीं, भाजपा आरोप लगाती है कि कांग्रेस केवल राजनीतिक लाभ के लिए चुनिंदा मुद्दों पर आक्रोश दिखा रही है।

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