अजित पवार हादसे की जांच में DGCA टीम बारामती पहुंची, Pune Police ने दर्ज की ADR

अजित पवार की बारामती में विमान दुर्घटना के बाद DGCA और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की। अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ आयोजित हुआ।

अजित पवार की बारामती विमान दुर्घटना के बाद DGCA और फोरेंसिक टीम ने गहन जांच शुरू की। अंतिम संस्कार विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ, जिसमें परिवार, राजनीतिक और नागरिकों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार की बारामती में हुए विमान हादसे के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और फोरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हादसा बुधवार सुबह हुआ जिसमें पवार और पांच अन्य लोगों की मौत हुई। DGCA की टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञ विमान की तकनीकी स्थिति, उड़ान रिकॉर्ड और विमान संचालन से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। 

पुणे ग्रामीण पुलिस ने बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर दी है और आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में विमान, पायलट और एयरलाइन कंपनी की जिम्मेदारी का भी विश्लेषण किया जाएगा।

दुर्घटना का समय

हादसा बुधवार सुबह बारामती हवाई पट्टी के पास हुआ। विमान निर्धारित समय से कुछ मिनट पहले क्रैश हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य के साथ-साथ प्राथमिक निरीक्षण भी किया गया। स्थानीय लोग और समर्थक घटनास्थल पर जमा हुए और हादसे के कारणों का पता लगाने के प्रयासों का निरीक्षण किया। 

प्रारंभिक जानकारी में यह स्पष्ट हुआ कि विमान में सवार कोई व्यक्ति जीवित नहीं बचा। DGCA की टीम हादसे के तकनीकी कारणों और विमान संचालन के नियमों का विश्लेषण कर रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

रक्षा मंत्री खडसे ने जताया दुख

केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे ने हादसे को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को अजित पवार जैसा नेता दोबारा नहीं मिलेगा। खडसे ने पवार के राज्य के विकास में योगदान और प्रशासनिक क्षमता की सराहना की। उन्होंने बताया कि पवार ने ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण काम किया और जनता के बीच उनका जुड़ाव बहुत मजबूत था। इस दुर्घटना ने राज्य में एक खालीपन पैदा किया है। खडसे ने यह भी कहा कि पवार का व्यक्तित्व ईमानदार और प्रशासनिक मामलों में निडर था।

अंतिम संस्कार की तैयारियां

अजित पवार का अंतिम संस्कार 28 जनवरी को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ आयोजित किया जाएगा। अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे विद्या प्रतिष्ठान परिसर (गदिमा) से शुरू होगी। यह मार्ग शहर के मुख्य हिस्सों से गुजरेगा ताकि नागरिक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकें। अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे मैदान में संपन्न होगा। समर्थक और नागरिक सुबह से ही मेडिकल कॉलेज के बाहर जमा हुए। फूलों और झंडों के साथ पवार को अंतिम श्रद्धांजलि दी गई।

पारिवारिक उपस्थिति

अंतिम संस्कार में शरद पवार, राज ठाकरे सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक नेता मौजूद रहे। उनके परिवार के सदस्य, करीबी सहयोगी और समर्थक अंतिम विदाई देने के लिए मैदान में थे। राज्य और केंद्र के कई वरिष्ठ अधिकारी भी पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। सभी का उद्देश्य उनके योगदान को याद करना और उन्हें सम्मान देना था।

DGCA और फोरेंसिक टीम की भूमिका

DGCA और फोरेंसिक टीम हादसे के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की गहन जांच कर रही है। टीम विमान की संरचना, उड़ान रिकॉर्ड, विमान की सर्विस हिस्ट्री और एयरलाइन कंपनी की जिम्मेदारी का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच का उद्देश्य केवल हादसे के कारणों का पता लगाना नहीं है बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत करना भी है। निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।

महाराष्ट्र में शोक

अजित पवार की मौत से महाराष्ट्र में शोक की लहर फैल गई। नागरिक शहर की सड़कों पर जमा होकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं। राजनीतिक दल उनके योगदान और प्रशासनिक दक्षता को याद कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री के रूप में पवार ने राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाई थी और उनका जाना सरकार और जनता दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है।

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