अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने संभाली कमान, डिप्टी सीएम के रूप में शुरू किया कार्य

सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम के रूप में कार्यभार संभाला। सिद्धिविनायक दर्शन के बाद मंत्रालय पहुंचीं और पहली कैबिनेट बैठक में शामिल हुईं

सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में औपचारिक कार्यभार संभाला। सिद्धिविनायक दर्शन के बाद मंत्रालय पहुंचीं। पहली कैबिनेट बैठक में शामिल होकर उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों की शुरुआत की। यह कदम राज्य राजनीति में नेतृत्व का संकेत है।

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। सुनेत्रा पवार ने आज औपचारिक रूप से राज्य की डिप्टी मुख्यमंत्री (Deputy CM) के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही वह आज पहली बार कैबिनेट मीटिंग में भी शामिल होंगी। यह जिम्मेदारी उन्होंने ऐसे समय में संभाली है जब पूरा राज्य पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद शोक में डूबा हुआ है।

सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है बल्कि यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय माना जा रहा है। वह राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम हैं और उनकी भूमिका आने वाले समय में बेहद निर्णायक मानी जा रही है।

सिद्धिविनायक मंदिर में पूजा से की दिन की शुरुआत

डिप्टी सीएम का पदभार संभालने से पहले सुनेत्रा पवार ने मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे भी मौजूद रहे। मंदिर में पूजा अर्चना कर उन्होंने अपने नए दायित्व की शुरुआत की।

इसके बाद वह चैत्यभूमि भी पहुंचीं, जहां उन्होंने डॉ भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मंत्रालय में हुआ भव्य स्वागत

सिद्धिविनायक और चैत्यभूमि के दर्शन के बाद सुनेत्रा पवार मंत्रालय पहुंचीं। मंत्रालय की छठी मंजिल को पूरी तरह सजाया गया था। कार्यालय परिसर को फूलों और गमलों से सजाया गया, जिससे माहौल गरिमामय दिखाई दिया।

मंत्रालय पहुंचने पर उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज और महात्मा फुले व डॉ अंबेडकर की प्रतिमाओं को अभिवादन किया। इसके बाद उन्होंने अपने कार्यालय में जाकर औपचारिक रूप से पदभार संभाला।

एनसीपी दफ्तर में पहली बैठक

डिप्टी सीएम बनने के बाद सुनेत्रा पवार पहली बार एनसीपी (NCP) पार्टी ऑफिस भी पहुंचीं। वहां उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में छगन भुजबल, हसन मुशरिफ और धनंजय मुंडे जैसे बड़े नेता मौजूद रहे।

इस मीटिंग को पार्टी की भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अजित पवार के निधन के बाद पार्टी संगठन को मजबूत बनाए रखना सुनेत्रा पवार के सामने बड़ी जिम्मेदारी है।

पहली बार कैबिनेट बैठक में होंगी शामिल

आज मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई है, जिसमें सुनेत्रा पवार पहली बार डिप्टी सीएम के तौर पर शामिल होंगी। यह बैठक प्रशासनिक रूप से ही नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कैबिनेट में उनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि सरकार आगे की नीतियों और फैसलों में उनकी भूमिका को सक्रिय रूप से शामिल करने जा रही है।

बजट सत्र से जुड़ी अहम बैठक

कैबिनेट बैठक के बाद दोपहर तीन बजे सुनेत्रा पवार विधानभवन में आयोजित बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (Business Advisory Committee) की मीटिंग में भी हिस्सा लेंगी। यह बैठक आगामी बजट सत्र को लेकर होगी।

इस बैठक में विधानसभा और विधान परिषद के कामकाज को लेकर रणनीति तय की जाएगी। डिप्टी सीएम के तौर पर यह उनकी पहली बड़ी संसदीय भागीदारी होगी।

शोक और राजनीति के बीच जिम्मेदारी

अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पूरा महाराष्ट्र शोक में है। 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। वह उस समय महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम थे और राज्य की राजनीति में एक मजबूत चेहरा माने जाते थे।

उनके निधन के बाद पार्टी और सरकार दोनों के सामने नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया था। ऐसे समय में सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।

दिल्ली दौरे की भी तैयारी

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आज देर शाम सुनेत्रा पवार दिल्ली के लिए रवाना होंगी। बुधवार को वह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात करेंगी। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि एनसीपी के संभावित विलय और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सुनेत्रा पवार की ये मुलाकातें आने वाले राजनीतिक संकेत दे सकती हैं।

31 जनवरी को ली थी शपथ

सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली थी। शपथ ग्रहण समारोह भावनात्मक माहौल में हुआ था। पार्टी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुना और फिर डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।

यह फैसला न सिर्फ सहानुभूति के आधार पर बल्कि संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया था।

कौन से मंत्रालय मिले

सुनेत्रा पवार को कैबिनेट में ज्यादातर वही विभाग दिए गए हैं जो पहले अजित पवार के पास थे। उन्हें एक्साइज, खेल और युवा कल्याण, अल्पसंख्यक विकास और औफाक विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पास रखा है। इसके बावजूद सुनेत्रा पवार के पास प्रभावशाली और जनता से जुड़े विभाग हैं।

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