ईरानी कप मुकाबले में छह विकेट लेकर शेष भारत की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले तेज गेंदबाज आकाश दीप ने अपने वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य खुद को चोट से दूर रखते हुए फिट बनाए रखना है।
Akash Deep Comeback: भारतीय तेज गेंदबाज आकाश दीप ने चोट के बाद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में शानदार वापसी की है। ईरानी कप में शेष भारत की ओर से खेलते हुए उन्होंने छह विकेट लेकर अपनी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। करीब सात महीने क्रिकेट से दूर रहने के बाद मैदान पर लौटे आकाश दीप अब अपने वर्कलोड को बेहतर तरीके से मैनेज करने और खुद को चोट से दूर रखने पर ध्यान दे रहे हैं।
तेज गेंदबाज ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में उनका एक बड़ा लक्ष्य सफेद गेंद क्रिकेट में खुद को और बेहतर करना है। अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप को देखते हुए आकाश अपनी गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी पर भी काम कर रहे हैं।
सात महीने के ब्रेक से आकाश दीप ने क्या सीखा?
चोट के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से बाहर रहना आकाश दीप के लिए आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में यह दौर निराशाजनक रहा, क्योंकि उन्होंने काफी मेहनत की थी और अचानक चोट ने उनकी योजनाओं को रोक दिया। हालांकि, इस ब्रेक ने उन्हें अपने शरीर को समझने और भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने का मौका दिया।
आकाश के मुताबिक, वह लगभग एक दशक से पेशेवर क्रिकेट खेल रहे हैं और इससे पहले उन्हें इतनी लंबी चोट का सामना नहीं करना पड़ा था। आराम के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि शरीर को पर्याप्त रिकवरी देना भी लंबे करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब उनका लक्ष्य फिटनेस के साथ-साथ अपने वर्कलोड को सही तरीके से मैनेज करना है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बढ़ाया गेंदबाजी वर्कलोड

चोट से वापसी के दौरान आकाश दीप ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस और गेंदबाजी पर काफी काम किया। उन्होंने अभ्यास के दौरान एक सप्ताह में करीब 35 ओवर तक गेंदबाजी की। गेंदों की संख्या को लेकर उन्हें कोई बड़ी परेशानी महसूस नहीं हुई। हालांकि, उनका मानना है कि अभ्यास और वास्तविक मैच की परिस्थितियां अलग होती हैं। मैच में गेंदबाज को अलग तरह की लय, दबाव और परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद उन्हें भरोसा है कि उन्होंने वापसी के लिए पर्याप्त तैयारी कर ली है।
न्यूजीलैंड दौरे पर आकाश दीप की नजर
आकाश दीप की नजर अब आगामी न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज पर भी है। उन्होंने साफ कहा कि वह न्यूजीलैंड दौरे का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन अंतिम फैसला चयनकर्ताओं के हाथ में होगा। उन्होंने माना कि रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इन मैचों में अच्छा प्रदर्शन करके वह चयनकर्ताओं के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं। अगर उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुना जाता है, तो वह अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों के लिए तैयार
आकाश दीप ने अब तक न्यूजीलैंड में क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि, उन्होंने वहां की परिस्थितियों के बारे में काफी सुना और देखा है। उनके अनुसार न्यूजीलैंड की परिस्थितियां कुछ हद तक ऑस्ट्रेलिया जैसी हो सकती हैं। ऐसे माहौल में उनकी कोशिश अपनी लाइन और लेंथ पर नियंत्रण रखने की होगी। साथ ही पिच के अनुसार गेंदबाजी में तेजी से बदलाव करना और बल्लेबाजों की कमजोरी को समझना उनके लिए महत्वपूर्ण होगा।
भारतीय टीम में तेज गेंदबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है, लेकिन आकाश दीप इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उनका कहना है कि उनका ध्यान दूसरे खिलाड़ियों से मुकाबला करने के बजाय अपनी स्किल्स और प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर है। वह अपनी गेंदबाजी की बुनियादी चीजों को लगातार मजबूत करना चाहते हैं और यही सोच उनके करियर की शुरुआत से रही है।











