समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में काले मटके रखकर भाजपा पर भ्रष्टाचार और कथित वोट चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटरों का मुद्दा उठाया। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेताओं ने सपा की सदस्यता भी ग्रहण की।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में 12 काले मटके रखकर ‘वोट चोरी’, ‘मंदिर में चोरी’ और ‘जीएसटी बंदी’ जैसे मुद्दों पर निशाना साधा। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और डुप्लीकेट वोटरों के जरिए चुनाव में धांधली की आशंका जताई। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ग्रहण की।
काले मटकों के जरिए भाजपा पर निशाना
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में काले मटके रखकर भाजपा पर राजनीतिक हमला बोला। मंच के सामने रखे गए 12 मटकों पर ‘वोट चोरी’, ‘मंदिर में चोरी’ और ‘जीएसटी बंदी’ जैसे शीर्षक लिखे गए थे। अखिलेश ने कहा कि भाजपा के पापों का मटका भर चुका है और अब टैंकर आएंगे।
इस दौरान उन्होंने भाजपा पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के आरोप लगाए। यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है, जब प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा प्रमुख ने मतदाता सूची की शुद्धता का मुद्दा उठाते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की।
मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटरों का मुद्दा उठाया
पत्रकार वार्ता में अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत से वोट चोरी की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने आजमगढ़ के विकास यादव नाम के एक युवक को सामने पेश करते हुए दावा किया कि उसके नाम पर 10 वोट दर्ज हैं। अखिलेश के मुताबिक, ऐसी कथित गड़बड़ी का इस्तेमाल चुनाव में फर्जी मतदान के लिए किया जा सकता है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी एक लाख कथित फर्जी वोटरों को लेकर शिकायत दे चुकी है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों को दूर करने के बजाय उन्हें छिपाया जा रहा है। ये आरोप सपा प्रमुख के हैं; प्रस्तुत खबर में इनकी स्वतंत्र पुष्टि का विवरण नहीं दिया गया है।
अखिलेश ने एसएसआर की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि भाजपा अपनी कथित चुनावी साजिश में सफल नहीं होने के बाद अब इस प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ना चाहती है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक साथ चुनाव कराकर एक ही बार में गड़बड़ी करना चाहती है।
पश्चिमी यूपी के नेताओं को जोड़कर 2027 की तैयारी
सपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देख रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में शामिल होने वाले सभी नेताओं के नाम और उनके राजनीतिक प्रभाव का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए के प्रहरी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर नजर रखने और चुनावी प्रक्रिया के दौरान सतर्क रहने का आह्वान किया। सपा प्रमुख ने 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत का लक्ष्य दोहराते हुए भाजपा पर राजनीतिक और चुनावी मुद्दों को लेकर हमला जारी रखा।
मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों और कथित फर्जी मतदान का मुद्दा आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बना रह सकता है। इस बीच, आरोपों की निष्पक्ष जांच और मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक त्रुटि को दूर करना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से अहम होगा।









