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अखिलेश यादव ने चीन दौरे पर पीएम मोदी की नीति पर उठाए सवाल, 10 पॉइंट्स में समझाया असर

अखिलेश यादव ने चीन दौरे पर पीएम मोदी की नीति पर उठाए सवाल, 10 पॉइंट्स में समझाया असर

पीएम मोदी चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर 10 पॉइंट्स में चीन पर बढ़ती निर्भरता, उद्योगों पर असर और बेरोजगारी का सच बताया। सरकार की स्वदेशी नीति पर उठाए सवाल।

UP News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन पहुंचे और वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में सीमा विवाद, व्यापार सहयोग, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोदी सरकार की चीन नीतियों पर सवाल उठाते हुए बीजेपी को आड़े हाथों लिया। 

उन्होंने चीन से आने वाले माल और भारत की उस पर बढ़ती निर्भरता को लेकर चेतावनी दी। अखिलेश यादव ने इस स्थिति की आलोचना करते हुए इसे 10 स्टेप्स में समझाया, जिसमें उन्होंने सरकार की कथित आत्मनिर्भरता और स्वदेशी के दावों को चुनौती दी।

पीएम मोदी का चीन दौरा

पीएम मोदी का चीन दौरा राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने सीमा पर तनाव को कम करने, व्यापार और निवेश के मुद्दों पर, आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा की। इस दौरे का उद्देश्य केवल शांति स्थापना नहीं बल्कि भारत और चीन के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को भी मजबूत करना है। 

इसी समय, अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि चीन से आने वाले माल पर भारत की निर्भरता लगातार बढ़ रही है और यह स्थिति देश के उद्योगों, कारखानों और स्थानीय व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार की नीतियां बेरोजगारी और महंगाई को बढ़ावा दे रही हैं।

अखिलेश यादव का 10 पॉइंट्स में बीजेपी की चीन चाल

सपा प्रमुख ने बीजेपी की चीन नीतियों को 10 महत्वपूर्ण चरणों में समझाया। उनका कहना है कि यदि यह सिलसिला ऐसे ही चला, तो चीन की बढ़ती प्रभुता और भारत की आर्थिक निर्भरता गंभीर परिणाम ला सकती है।

  • पहला पॉइंट: चीन अपना माल भारत के बाज़ारों में भर देगा। अखिलेश यादव का मानना है कि इससे भारत में चीन पर निर्भरता बढ़ेगी और देश के उद्योग कमजोर पड़ेंगे।
  • दूसरा पॉइंट: भारत में चीन पर निर्भरता इतनी बढ़ जाएगी कि भारतीय सरकार चीन की किसी भी गलत हरकत को अनदेखा करने के लिए मजबूर हो जाएगी।
  • तीसरा पॉइंट: इसके बाद चीन धीरे-धीरे भारतीय उत्पादों और उद्योगों को बंद करवाने की स्थिति तक ले जाएगा। स्थानीय उत्पादन धीमा होगा और कई उद्योग आर्थिक दबाव के कारण काम करना बंद कर देंगे।
  • चौथा पॉइंट: चीन मनमाने दाम पर अपने माल की सप्लाई करेगा। इससे महंगाई बढ़ेगी और सामान्य नागरिकों पर आर्थिक दबाव आएगा।
  • पाँचवां पॉइंट: महंगाई और बेरोजगारी बढ़ने से जनता में असंतोष और आक्रोश पैदा होगा।
  • छठा पॉइंट: जनता के आक्रोश के कारण सरकार की स्थिति कमजोर होगी और राजनीतिक दबाव बढ़ेगा।
  • सातवां पॉइंट: बिना बहुमत की भाजपा की सरकार और भी कमजोर होकर चीन के अतिक्रमण या गलत नीतियों के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठा पाएगी।
  • आठवां पॉइंट: कमजोर सरकार की स्थिति में चीन भारत की भूमि और संसाधनों पर अपना दबदबा बढ़ा सकता है।
  • नौवां पॉइंट: चीन द्वारा भारतीय भूमि पर कब्जा और विस्तार की आशंका बढ़ जाएगी।
  • दसवां पॉइंट: इसके बाद बीजेपी केवल दावे करेगी कि “न कोई..., न कोई…” और वास्तविकता जनता को अच्छे से समझ में आएगी।

अखिलेश यादव का कहना है कि चीन से आने वाले माल पर बढ़ती निर्भरता केवल उद्योगों और अर्थव्यवस्था पर असर नहीं डाल रही, बल्कि यह देश की संप्रभुता और जनता की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर रही है।

आत्मनिर्भर भारत का सवाल

अखिलेश यादव ने चीन से आने वाले माल पर बढ़ती निर्भरता को स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के दावों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के दावे केवल प्रचार और जुमलों तक सीमित हैं। वास्तविकता में चीन की नीति के कारण स्थानीय उद्योग और व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं। बेरोजगारी बढ़ रही है और आम लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

यूपी में भूमि और पलायन पर तंज

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में “बुलडोजर” कार्रवाई और प्रवासी मुद्दों का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि चीन द्वारा कब्जा की गई भूमि और स्थानीय पलायन के मुद्दे जनता के सामने हैं, भाजपा सरकार केवल आंकड़े दिखा रही है, लेकिन वास्तविकता में देश की भूमि पर प्रभाव पड़ा है और जनता इसके असर को भलीभांति समझ रही है।

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