एल्विश यादव के घी ब्रांड 'नमो नारायण' का नाम न लेने पर ट्रोल हुए अभिनेता अली गोनी ने वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि विवाद को बेवजह बढ़ाया गया और उनके लिए सभी धर्म समान हैं। उन्होंने ट्रोलिंग को “फनी” बताया।
बॉलीवुड: टेलीविजन अभिनेता अली गोनी एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। इस बार विवाद की वजह एल्विश यादव के घी ब्रांड 'नमो नारायण' का नाम न लेना रहा। हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो में अली गोनी ने घी की गुणवत्ता की तारीफ की थी, लेकिन उन्होंने ब्रांड का नाम नहीं लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उन्हें निशाने पर लिया और मामले को धार्मिक पहचान से जोड़ते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए।
बढ़ती प्रतिक्रियाओं के बीच अली गोनी ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए वीडियो साझा कर पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी और स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर किसी ब्रांड का नाम नहीं छोड़ा था।
वीडियो में दोहराया 'नमो नारायण'
ट्रोलिंग के बाद जारी किए गए वीडियो में अली गोनी ने शुरुआत ही "नमो नारायण" कहकर की। उन्होंने एल्विश यादव के घी ब्रांड का नाम भी स्पष्ट रूप से लिया और कहा कि उन्हें इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि ब्रांड का नाम न लेने को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा।
अली ने कहा कि वह केवल घी की तारीफ कर रहे थे और उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं था। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने बिना वजह इस मुद्दे को बढ़ा दिया।
"इतनी छोटी बात को बड़ा बना दिया"
अपने वीडियो में अभिनेता ने कहा कि उन्हें यह पूरा विवाद काफी अजीब और मजाकिया लगा। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी छोटी बात को बड़ा मुद्दा बना देते हैं। अली के अनुसार, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ ब्रांड का नाम न लेने पर इतनी चर्चा शुरू हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी भी धार्मिक शब्द या अभिवादन का इस्तेमाल करने में कोई परेशानी नहीं है और वह हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान करते हैं।
"मेरे लिए सब बराबर हैं"
अली गोनी ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि उनके लिए सभी धर्म समान हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी नाम या धार्मिक अभिवादन से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने ट्रोलर्स से अपील करते हुए कहा कि ऐसी छोटी बातों को विवाद का रूप देने के बजाय सकारात्मक विषयों पर ध्यान देना चाहिए। अभिनेता का कहना था कि सोशल मीडिया पर बिना वजह नकारात्मक माहौल बनाना उचित नहीं है।
एल्विश यादव के ब्रांड को लेकर क्यों हुआ विवाद?
हाल ही में अली गोनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने एक घी की तारीफ की थी। हालांकि वीडियो में उन्होंने ब्रांड का नाम नहीं लिया।
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि वह एल्विश यादव के ब्रांड 'नमो नारायण' की बात कर रहे थे, लेकिन जानबूझकर उसका नाम लेने से बच रहे हैं। इसके बाद कई लोगों ने अभिनेता की आलोचना शुरू कर दी। इसी विवाद के बाद अली ने वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि नाम न लेने के पीछे कोई विशेष कारण नहीं था और इसे धर्म से जोड़ना पूरी तरह गलत है।

पहले भी ट्रोलिंग का सामना कर चुके हैं अली गोनी
यह पहला मौका नहीं है जब अली गोनी सोशल मीडिया विवादों में आए हों। पिछले वर्ष वह अपनी साथी अभिनेत्री जैस्मिन भसीन के साथ मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उस दौरान वायरल हुए एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कुछ लोगों ने वीडियो की गलत व्याख्या करते हुए दावा किया कि धार्मिक नारों को लेकर विवाद हुआ है, जिसके बाद अली गोनी को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था।
पॉडकास्ट में दी थी अपनी सफाई
बाद में एक पॉडकास्ट में अली गोनी ने उस विवाद पर विस्तार से बात की थी। उन्होंने बताया था कि वह पहली बार गणेश उत्सव के किसी सार्वजनिक आयोजन में शामिल हुए थे। उनके अनुसार, वीडियो को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया और वास्तविक घटना से अलग तरीके से दिखाया गया।
अली ने कहा था कि वह अपने धार्मिक विश्वासों का पालन करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते। उन्होंने स्पष्ट किया था कि हर धर्म और हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
जैस्मिन भसीन वाले वायरल वीडियो पर भी दी थी सफाई
अली गोनी ने उस समय यह भी बताया था कि वायरल वीडियो में जैस्मिन भसीन उनके मुंह के पास हाथ इसलिए ले गई थीं क्योंकि पीछे मौजूद लोग कुछ कह रहे थे और माहौल हल्का-फुल्का था। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर वीडियो को अलग संदर्भ में पेश किया गया, जिससे गलतफहमियां पैदा हुईं। अभिनेता ने कहा कि वास्तविक घटना का धार्मिक विवाद से कोई संबंध नहीं था।
सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी ट्रोलिंग
डिजिटल दौर में सार्वजनिक हस्तियों के हर बयान और हर वीडियो पर सोशल मीडिया पर तुरंत प्रतिक्रिया देखने को मिलती है। कई बार अधूरी जानकारी या छोटे क्लिप्स के आधार पर भी विवाद खड़े हो जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी वीडियो या बयान का पूरा संदर्भ समझे बिना निष्कर्ष निकालना गलतफहमियों को जन्म दे सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की आधिकारिक प्रतिक्रिया विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।












