अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ बालटाल और पहलगाम मार्गों से हो गया। हजारों श्रद्धालु पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए, जबकि जम्मू से दूसरा जत्था भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घाटी के लिए प्रस्थान कर गया।
जम्मू: बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से हजारों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, लंगर सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों के बीच यात्रा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ रही है।
बालटाल और पहलगाम मार्ग से शुरू हुई पवित्र यात्रा
बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा के पहले दिन श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार सुबह बालटाल और पारंपरिक पहलगाम मार्ग से हजारों श्रद्धालु 'बम-बम भोले', 'हर-हर महादेव' और 'जय बाबा बर्फानी' के जयघोष के साथ पवित्र गुफा की ओर रवाना हुए। कोई पैदल यात्रा कर रहा था तो कई श्रद्धालु घोड़े और पालकी की सहायता से कठिन पर्वतीय मार्ग तय करते हुए आगे बढ़े।
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पहले दिन श्रद्धालुओं के पवित्र हिमलिंग के दर्शन के साथ ही 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया। यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था, उत्साह और श्रद्धा साफ दिखाई दे रही थी।
जम्मू से दूसरा जत्था भी घाटी के लिए रवाना
भगवती नगर यात्री निवास, जम्मू से शुक्रवार सुबह अमरनाथ यात्रा का दूसरा जत्था भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया गया। इस जत्थे में कुल 3,865 श्रद्धालु 201 वाहनों के काफिले के साथ घाटी के लिए निकले। इनमें 1,735 श्रद्धालु बालटाल मार्ग और 2,130 श्रद्धालु पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा करेंगे।
पूरे काफिले को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की सुरक्षा में आगे बढ़ाया गया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए यात्रा पर निकले। पहली बार यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जबकि अनुभवी यात्रियों ने इसे अपनी आस्था का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
लंगर और सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था
यात्रा को सुगम बनाने के लिए बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर कुल 126 लंगर लगाए गए हैं। इन लंगरों में सैकड़ों स्वयंसेवक दिन-रात श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
यात्रा मार्ग में श्रद्धालु विश्राम स्थलों पर रुककर भोजन ग्रहण कर रहे हैं और आगे की यात्रा के लिए ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं। प्रशासन ने चिकित्सा सेवाओं, आपातकालीन सहायता, संचार व्यवस्था और सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
28 अगस्त तक चलेगी अमरनाथ यात्रा
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 57 दिनों तक चलेगी और 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन इसका समापन होगा। यात्रा दो प्रमुख मार्गों—अनंतनाग जिले के लगभग 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के लगभग 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग—से संचालित की जा रही है।
पवित्र हिमलिंग समुद्र तल से लगभग 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। एक दिन पहले उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे के 4,822 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दूसरे जत्थे के प्रस्थान के बाद अब तक जम्मू आधार शिविर से कुल 8,687 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए घाटी की ओर रवाना हो चुके हैं।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, आधार शिविरों और यात्रा मार्गों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।










