अंबाला में 65 वर्षीय कारोबारी फेसबुक पर सस्ते ड्राई फ्रूट के विज्ञापन के झांसे में आकर 3.96 लाख रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंबाला: सोशल मीडिया पर सस्ते सामान का लालच एक बार फिर महंगा साबित हुआ है। Cyber Fraud के एक मामले में अंबाला के 65 वर्षीय कारोबारी फेसबुक पर ड्राई फ्रूट के विज्ञापन के झांसे में आ गए। जीएसटी रिफंड के नाम पर ठगों ने उनसे कई चरणों में करीब 3.97 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई ठगी
नारायणगढ़ क्षेत्र के रायपुर वीरान गांव निवासी 65 वर्षीय कारोबारी काहन सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 5 जून को फेसबुक पर श्री राम ड्राई फ्रूट के नाम से एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में कम कीमत पर ड्राई फ्रूट उपलब्ध होने का दावा किया गया था। संपर्क करने पर उन्हें व्हाट्सएप के जरिए एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसके माध्यम से उन्होंने 4 हजार रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया।

अगले दिन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने कहा कि जीएसटी संबंधी तकनीकी समस्या के कारण भुगतान वापस किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने शिकायतकर्ता को कुछ ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।
जीएसटी रिफंड के बहाने खाते से निकले लाखों रुपये
निर्देशों का पालन करते ही भुगतान वापस आने के बजाय कारोबारी के खाते से 14 हजार रुपये कट गए। जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो ठगों ने इसे तकनीकी गलती बताते हुए दोबारा प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा। इसके बाद उनके खाते से दो बार 40,001-40,001 रुपये और निकल गए।
ठग लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर उन्हें निर्देश देते रहे। 5 जून से 10 जून के बीच दो बैंक खातों से कुल 3,96,755 रुपये निकाल लिए गए। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना अंबाला ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और ठगी में शामिल लोगों का नेटवर्क कहां तक फैला है।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक ऑफर, अनजान क्यूआर कोड या रिफंड के नाम पर भेजे गए लिंक और निर्देशों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।










