अंबाला-शामली छह लेन हाईवे का करीब 70% काम पूरा हो चुका है। 4800 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 122 किलोमीटर लंबा हाईवे मार्च 2027 तक तैयार होगा। खास बात यह है कि इस पर टोल नहीं लगेगा।
अंबाला-शामली हाईवे: हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए बन रहे छह लेन हाईवे का करीब 70% निर्माण पूरा हो चुका है। अंबाला से शामली तक 122 किलोमीटर लंबे इस हाईवे का निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत किया जा रहा है। करीब 4800 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस पूरे रूट पर Toll Tax नहीं लगेगा।
अंबाला से शामली तक ऐसे गुजरेगा हाईवे
हाईवे की शुरुआत हरियाणा के अंबाला में सोदापुर गांव से होगी। इसके बाद यह कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। आगे सहारनपुर के रास्ते यह शामली से जुड़ेगा।
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इस हाईवे की सबसे खास बात यह है कि पूरे रूट पर कोई Toll Plaza नहीं बनाया जाएगा। यानी यात्रियों को इस मार्ग पर टोल टैक्स नहीं देना होगा। हाईवे बनने के बाद हरियाणा से पश्चिमी यूपी जाने वाले लोगों का सफर आसान और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
इन जिलों को मिलेगा फायदा
इस प्रोजेक्ट से हरियाणा के कई जिलों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इनमें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, कैथल, जींद और रोहतक शामिल हैं।
हाईवे के जरिए इन जिलों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों तक पहुंचना आसान होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और परिवहन को भी फायदा मिलने की संभावना है।
मार्च 2027 तक पूरा होगा निर्माण
अंबाला डिवीजन के तहत हाईवे का करीब 77 किलोमीटर हिस्सा बनाया जा रहा है। वहीं, NHAI के बागपत डिवीजन की ओर से शामली से सहारनपुर तक करीब 45 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण कराया जा रहा है।
परियोजना का लगभग 70% काम पूरा होने के बाद अब मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हाईवे पर यात्रियों की सुविधा के लिए कई जगह रेस्ट एरिया भी विकसित किए जाएंगे।
इन रेस्ट एरिया में पेट्रोल पंप, CNG पंप, रेस्टोरेंट और शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को रास्ते में जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।










