Adani Group की Ambuja Cement में ACC और Orient Cement के विलय के ऐलान से बाजार में हलचल मच गई। One Cement Platform की योजना के बाद Ambuja और Orient Cement के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई।
Adani Group: अदाणी ग्रुप की प्रमुख सीमेंट कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने अपने कारोबार को एक नई दिशा देने का बड़ा फैसला किया है। कंपनी ने ACC और ओरिएंट सीमेंट को अंबुजा सीमेंट्स में विलय करने का प्रस्ताव रखा है। इस घोषणा के बाद शेयर बाजार में हलचल तेज हो गई और अंबुजा सीमेंट्स के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों को इस कदम से भविष्य में लागत बचत, परिचालन दक्षता और ग्रोथ की मजबूत संभावनाएं नजर आ रही हैं।
शेयर बाजार में दिखा तुरंत असर
मंगलवार को अंबुजा सीमेंट्स के शेयर बीएसई पर करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। कारोबार के दौरान शेयर 4.3 प्रतिशत की तेजी के साथ 563.25 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंच गया। वहीं, ओरिएंट सीमेंट के शेयरों में लगभग 9.8 प्रतिशत की तेज उछाल आई और यह 180 रुपये तक पहुंच गया। ACC के शेयरों में भी 1.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 1,802 रुपये के आसपास कारोबार करते दिखे। दिलचस्प बात यह रही कि इस दौरान बीएसई सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ लाल निशान में था, इसके बावजूद इन सीमेंट शेयरों में मजबूती बनी रही।
क्या है विलय का पूरा प्रस्ताव
अंबुजा सीमेंट्स ने साफ किया है कि वह अपनी सहयोगी कंपनियों ACC और ओरिएंट सीमेंट को अपने साथ मर्ज करना चाहती है। यह विलय नियामकीय मंजूरियों और शेयरधारकों की सहमति के बाद ही पूरा होगा। कंपनी का उद्देश्य अपने पूरे सीमेंट बिजनेस को एकजुट कर एक मजबूत और सरल कॉरपोरेट स्ट्रक्चर तैयार करना है, जिसे ‘One Cement Platform’ कहा जा रहा है।
क्यों अहम है यह फैसला
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम अदाणी ग्रुप के सीमेंट कारोबार को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है। अभी ग्रुप के पास कई सीमेंट कंपनियां हैं, जिनका ऑपरेशन अलग-अलग नामों से हो रहा है। विलय के बाद न सिर्फ मैनेजमेंट आसान होगा, बल्कि लागत में भी बड़ी बचत संभव है। साथ ही, ब्रांडिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को एक साथ लाने से मार्जिन में सुधार हो सकता है।
उत्पादन क्षमता में होगा बड़ा उछाल
प्रस्तावित विलय के बाद अंबुजा सीमेंट्स भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनियों में शामिल हो सकती है। विश्लेषकों के मुताबिक, मर्जर के बाद कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 155 मिलियन टन प्रति वर्ष पहुंच जाएगी। फिलहाल अंबुजा की क्षमता लगभग 107 MTPA है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 तक इस लक्ष्य को हासिल करने की योजना बनाई है। इतनी बड़ी क्षमता के साथ अंबुजा देशभर में सीमेंट सेक्टर में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगी।
परिचालन दक्षता और लागत में बचत
विशेषज्ञों का कहना है कि इस विलय से ऑपरेशनल एफिशिएंसी में बड़ा सुधार होगा। अलग-अलग कंपनियों के नेटवर्क को एक साथ लाने से ट्रांसपोर्टेशन, रॉ मटीरियल खरीद और डिस्ट्रिब्यूशन की लागत घटेगी। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कदम से प्रति टन सीमेंट पर करीब 100 रुपये तक मार्जिन में सुधार हो सकता है, जो लंबे समय में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूत बनाएगा।
Motilal Oswal की राय
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इस विलय को अंबुजा सीमेंट्स के लिए सकारात्मक करार दिया है। फर्म का कहना है कि इससे कंपनी की कॉरपोरेट संरचना सरल होगी और पूंजी का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा। क्रॉस होल्डिंग खत्म होने से निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रुप स्ट्रक्चर ज्यादा साफ नजर आएगा।
नेटवर्क और ब्रांडिंग में फायदा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विलय के बाद नेटवर्क, ब्रांडिंग और सेल्स से जुड़े खर्चों को सुव्यवस्थित किया जाएगा। अलग-अलग ब्रांड्स को संभालने की जगह एकीकृत रणनीति अपनाई जाएगी, जिससे लागत में कटौती और बाजार में पकड़ मजबूत होगी। इसका सीधा फायदा कंपनी के EBITDA और कैश फ्लो पर पड़ेगा।
क्या है डील की रूपरेखा
समझौता योजना के तहत अंबुजा सीमेंट ACC और ओरिएंट सीमेंट के शेयरधारकों को अपने शेयर के बदले नए शेयर जारी करेगी। ACC के 100 शेयरों के बदले अंबुजा के 328 शेयर दिए जाएंगे, जबकि ओरिएंट सीमेंट के 100 शेयरों के बदले अंबुजा के 33 शेयर जारी किए जाएंगे। इस सौदे में ACC का मूल्यांकन मौजूदा बाजार भाव के आसपास रखा गया है, जबकि ओरिएंट सीमेंट को हालिया बंद भाव की तुलना में करीब 9 प्रतिशत प्रीमियम पर आंका गया है।
पहले से जारी मर्जर प्रक्रिया
यह विलय ऐसे समय में हो रहा है, जब अदाणी ग्रुप पहले ही सांघी इंडस्ट्रीज और पेन्ना सीमेंट को अंबुजा में मिलाने का फैसला कर चुका है। सांघी इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को भी अंबुजा के नए शेयर दिए जाएंगे, जबकि पेन्ना सीमेंट के पात्र शेयरधारकों को नकद भुगतान किया जाएगा। इन सभी सौदों के बाद अंबुजा सीमेंट एक शुद्ध और बड़ा सीमेंट प्लेटफॉर्म बनकर उभरेगी।
इक्विटी डायल्यूशन और प्रमोटर हिस्सेदारी
Motilal Oswal के अनुसार, इस पूरे विलय के बाद अंबुजा सीमेंट में करीब 12 प्रतिशत इक्विटी डायल्यूशन होगा। साथ ही, प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 67.65 प्रतिशत से घटकर करीब 60.94 प्रतिशत रह जाएगी। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ी हुई स्केल और बेहतर कमाई से शेयरधारकों को लंबी अवधि में इसका फायदा मिल सकता है।
विश्लेषकों का सकारात्मक नजरिया
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंबुजा और ओरिएंट सीमेंट के मर्जर से एक पैन-इंडिया सीमेंट पावरहाउस तैयार होगा। इससे कंपनी की प्राइसिंग पावर मजबूत होगी और सप्लायर्स व लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स के साथ सौदेबाजी की स्थिति बेहतर होगी। बड़ी स्केल के कारण कंपनी को प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिल सकती है।
जियोग्राफिक विस्तार का फायदा
मर्जर के बाद अंबुजा का भौगोलिक विस्तार भी बढ़ेगा। खासकर मध्य और दक्षिण भारत में, जहां ओरिएंट सीमेंट की मजबूत पकड़ है। इससे अंबुजा को नए बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का मौका मिलेगा और बिक्री नेटवर्क और ज्यादा मजबूत होगा।
Emkay Global की रिपोर्ट
Emkay Global Financial Services के अनुसार, मौजूदा बाजार कीमतों पर यह ट्रांजेक्शन ACC के शेयरधारकों के लिए न्यूट्रल से हल्का नकारात्मक और ओरिएंट सीमेंट के शेयरधारकों के लिए हल्का सकारात्मक हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ACC, अंबुजा, ओरिएंट, पेन्ना और सांघी की कमर्शियल ऑपरेशंस पहले से ही एक साथ चल रही थीं, इसलिए कमाई पर ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
Target Price और Rating
Emkay ने अंबुजा सीमेंट्स को FY27 के अनुमान के आधार पर 16x EV EBITDA पर वैल्यू किया है और 650 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ Add रेटिंग दी है। वहीं ACC पर Sell रेटिंग बनाए रखी गई है और इसका टारगेट 1,600 रुपये रखा गया है। Motilal Oswal ने भी अंबुजा को Buy रेटिंग दी है और 750 रुपये का टारगेट प्राइस बताया है।








