अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध पर RSS का पहला बयान: कहा- ‘जंग जल्द से जल्द खत्म होनी चाहिए’

RSS ने अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर अपना पहला बयान दिया। संगठन ने कहा कि जंग जल्द से जल्द खत्म होनी चाहिए। पढ़ें बयान और भारत की दृष्टिकोण से

हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। 

RSS: हरियाणा के समालखा में आज से तीन दिन तक चलने वाली संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हो गई। बैठक के संबंध में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह‑सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि इस वर्ष की यह बैठक विशेष महत्व रखती है, क्योंकि संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है।

इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में 1400 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। बैठक की शुरुआत में दिवंगत व्यक्तियों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार शामिल हैं।

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संघ का बयान

हरियाणा के समालखा में 3 दिन तक चलने वाली संघ की इस वर्ष की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन शताब्दी वर्ष के अवसर पर किया गया है। इस बैठक में 1400 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा,

'भारत सरकार को क्या करना चाहिए, यह भारत सरकार तय करती है। देश के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री लगातार अंतरराष्ट्रीय नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। यह क्राइसिस जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए। कल ही प्रधानमंत्री ने ईरान के प्रमुख से बातचीत की है। वहां रहने वाले हिंदू संगठनों के साथ संघ का संपर्क लगातार जारी है।'

यह बयान अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर संघ की पहली प्रतिक्रिया है।

संगठनात्मक बदलाव और UGC पर संघ का दृष्टिकोण

CR मुकुंद ने बताया कि संघ में संगठनात्मक बदलाव का चिंतन चल रहा है। उन्होंने कहा, संघ की भौगोलिक रचना और संगठनात्मक आवश्यकता के अनुसार हम बदलाव कर रहे हैं। जो निर्णय होंगे, उनके बारे में जानकारी दी जाएगी। UGC से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य हिंदू समाज में समन्वय और असंतुलन दूर करना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और कोर्ट इस दिशा में प्रयासरत हैं।

संघ ने बताया कि उसकी शाखाओं की संख्या में 5000 की वृद्धि हुई है और अब संघ लगभग 10 करोड़ परिवारों तक पहुंच चुका है, जिनमें 3,00,000 से अधिक गांव शामिल हैं. CR मुकुंद ने कहा, संघ हर घर, हर गांव में संपर्क कर रहा है। केरल में स्वयंसेवक मुस्लिम, क्रिश्चियन और कम्युनिस्ट विचारधारा वाले घरों में भी जाकर सामाजिक संवाद कर रहे हैं। लगभग 55,000 मुस्लिम और 54,000 क्रिश्चियन घरों में संघ के स्वयंसेवक पहुँचे, और हर जगह उनका स्वागत हुआ।

हिंदू सम्मेलन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की गतिविधियां

संघ ने अब तक 36,000 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए हैं और आगामी 3-4 महीनों में और भी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। मुकुंद ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संघ की गतिविधियों की प्रस्तुति सहज और सकारात्मक रही है। मणिपुर की स्थिति में सुधार को संघ ने सराहा और साथ ही बांग्लादेश सरकार से अपील की कि वह वहां के हिंदू समुदाय के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए।

संघ ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर संघ की चिंता है, लेकिन भारत की विदेश नीति पर निर्णय सरकार का अधिकार है। उन्होंने कहा कि संगठन का ध्यान समाजिक समन्वय, ग्रामीण संपर्क और समुदायिक सुरक्षा पर केंद्रित है।

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