अमेरिका की हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी की सुनवाई में सांसद सारा जैकब्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया। इस पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ नाराज हो गए और उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का मुद्दा उठाकर पलटवार किया।
वाशिंगटन: अमेरिका की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी और राजनीतिक टकराव देखने को मिला, जब अमेरिकी कांग्रेस की सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मानसिक स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया। इस मुद्दे पर डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच तीखी बहस हो गई।
यह विवाद उस समय सामने आया जब अमेरिका की House Armed Services Committee में राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य मामलों से जुड़ी सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान ट्रम्प के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट और उनकी सार्वजनिक टिप्पणियों को लेकर सवाल पूछे गए।
ट्रम्प के सोशल मीडिया पोस्ट पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान डेमोक्रेट सांसद सारा जैकब्स ने ट्रम्प के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर किए गए हालिया पोस्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की भाषा और पोस्ट का स्वर चिंताजनक दिखाई देता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुनवाई के दौरान जैकब्स के पीछे मौजूद एक सहायक ने ट्रम्प के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट के बड़े कटआउट भी दिखाए। इनमें एक विवादित AI-जनरेटेड पोस्ट भी शामिल थी, जिसमें धार्मिक प्रतीकों का उपयोग किया गया था और जिसे बाद में हटा दिया गया था।
इस दौरान सुनवाई का माहौल अचानक काफी तनावपूर्ण हो गया।
सांसद ने पूछा- क्या ट्रम्प मानसिक रूप से फिट हैं?
सारा जैकब्स ने सीधे सवाल करते हुए रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से पूछा
क्या आप मानते हैं कि राष्ट्रपति मानसिक रूप से इतने स्थिर हैं कि वे कमांडर-इन-चीफ की जिम्मेदारी निभा सकें?”
यह सवाल अमेरिकी राजनीति में पहले से चल रही उस बहस को फिर सामने ले आया, जिसमें नेताओं की उम्र, स्वास्थ्य और मानसिक क्षमता को लेकर चर्चा होती रही है।
जैकब्स का सवाल सुनते ही रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कड़ा जवाब दिया और सवाल को राजनीतिक हमला करार दिया।

पीट हेगसेथ ने पलटवार में बाइडेन का जिक्र किया
पीट हेगसेथ ने जवाब देते हुए कहा
“क्या आपने यही सवाल पिछले चार सालों में जो बाइडेन से पूछा था?”
उन्होंने आरोप लगाया कि डेमोक्रेटिक पार्टी ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन का लगातार बचाव किया, जबकि उनकी सार्वजनिक बोलने की क्षमता और स्वास्थ्य को लेकर कई बार सवाल उठे थे।
हेगसेथ ने कहा कि उस समय विपक्षी नेताओं ने मानसिक फिटनेस पर चर्चा से बचने की कोशिश की थी, लेकिन अब वही मुद्दा राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
सारा जैकब्स ने क्या जवाब दिया?
सांसद सारा जैकब्स ने हेगसेथ की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन उनकी पार्टी के उम्मीदवार नहीं थे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा सवाल ट्रम्प की हालिया गतिविधियों और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर है, न कि किसी पुराने राजनीतिक विवाद को दोहराने के लिए।
हालांकि बहस आगे बढ़ने से पहले रक्षा मंत्री ने कहा कि वे इस तरह की राजनीतिक बहस में शामिल नहीं होना चाहते।
अमेरिकी राजनीति में मानसिक फिटनेस पर क्यों बढ़ रही बहस?
अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों से शीर्ष नेताओं की उम्र और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सार्वजनिक बहस तेज हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि
- राष्ट्रपति पद दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण पदों में से एक माना जाता है
- लगातार सार्वजनिक उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय फैसलों के कारण नेताओं की मानसिक और शारीरिक क्षमता पर सवाल उठते रहते है
- सोशल मीडिया के दौर में नेताओं के हर बयान और व्यवहार का व्यापक विश्लेषण किया जाता है
इसी वजह से मानसिक फिटनेस अब अमेरिकी चुनावी राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।
ट्रम्प और बाइडेन दोनों पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
डोनाल्ड ट्रम्प और जो बाइडेन दोनों ही नेताओं की उम्र और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है।
ट्रम्प के आलोचक कई बार उनके सोशल मीडिया पोस्ट और भाषणों को विवादास्पद बताते रहे हैं। वहीं बाइडेन को लेकर विपक्षी नेताओं ने कई मौकों पर उनकी याददाश्त और सार्वजनिक भाषणों पर सवाल उठाए थे।
अमेरिकी राजनीति में यह मुद्दा अक्सर चुनावी अभियानों और संसदीय बहसों में दिखाई देता है।
सोशल मीडिया और AI कंटेंट भी बना विवाद का कारण
सुनवाई के दौरान जिस AI-जनरेटेड पोस्ट का जिक्र हुआ, उसने भी बहस को और बढ़ा दिया। हाल के वर्षों में राजनीतिक नेताओं द्वारा शेयर किए गए AI कंटेंट और डिजिटल पोस्ट कई बार विवादों का कारण बने हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि AI-जनरेटेड सामग्री
- गलत सूचना फैलाने का माध्यम बन सकती है
- राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ा सकती है
- धार्मिक और सामाजिक विवाद पैदा कर सकती है
इसी वजह से अमेरिका समेत कई देशों में AI कंटेंट को लेकर नियम बनाने पर चर्चा चल रही है।
2026 की अमेरिकी राजनीति पर पड़ सकता है असर
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बहसें आने वाले अमेरिकी राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। जैसे-जैसे चुनावी गतिविधियां बढ़ेंगी, नेताओं की फिटनेस, उम्र और सार्वजनिक व्यवहार पर सवाल और अधिक उठ सकते हैं।
दोनों प्रमुख दलों के बीच पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव ऐसे मुद्दों को और संवेदनशील बना देता है।











