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अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों को वित्त मंत्री का समर्थन, कहा- सरकार हर संभव मदद करेगी

अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित निर्यातकों को वित्त मंत्री का समर्थन, कहा- सरकार हर संभव मदद करेगी

भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका का 50% टैरिफ बुधवार से लागू होने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में उनके साथ है। झींगा, कपड़ा, हीरे, चमड़ा, जूते-चप्पल और जैम-एंड-ज्वैलरी जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर टैरिफ का गंभीर असर पड़ने की आशंका है। सरकार निर्यातकों की चिंताओं को दूर करने और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

Trump tariff: भारतीय निर्यातकों के प्रतिनिधिमंडल से गुरुवार को मुलाकात में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिकी 50% टैरिफ से उत्पन्न समस्याओं का सामना करने में सरकार पूरी तरह निर्यातकों के साथ है। फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन के नेतृत्व में हुई बैठक में निर्यातकों ने बाजार पहुंच, प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और रोजगार पर टैरिफ के प्रभाव की चिंता जताई। मंत्री ने रोजगार सुरक्षा और निर्यातकों के व्यापक समर्थन का आश्वासन दिया।

विकास और निर्यात में समर्थन

वित्त मंत्री ने गुरुवार को भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ फियो के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। फियो के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि से उत्पन्न चुनौतियों के बारे में जानकारी दी और सरकार से मदद की गुहार लगाई।

इस दौरान निर्यातकों ने बताया कि उच्च टैरिफ से बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा कमजोर हो सकती है। इसके साथ ही रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। निर्यातक चाहते हैं कि सरकार त्वरित और प्रभावी नीतिगत कदम उठाए जिससे व्यापारिक दबाव कम हो सके।

निर्यातकों के हित में कदम

वित्त मंत्री ने निर्यातकों से कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से उत्पन्न समस्याओं का सामना करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। मंत्री ने यह भी कहा कि निर्यातकों की सभी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने श्रमिकों की आजीविका के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों को नौकरी में स्थिरता प्रदान की जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सरकार वृद्धि की गति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निर्यातकों को व्यापक समर्थन देगी।

प्रभावित क्षेत्रों पर चर्चा

प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री को बताया कि अमेरिका द्वारा उच्च टैरिफ लगाए जाने से झींगा, कपड़ा, हीरे, चमड़ा, जूते चप्पल और ज्वैलरी के निर्यात पर गंभीर असर पड़ सकता है। ये क्षेत्र श्रम-प्रधान हैं और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निर्यातकों ने सरकार से त्वरित उपायों की मांग की ताकि बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति कमजोर न हो।

एस. सी. रल्हन ने कहा कि निर्यातक देश की वृद्धि और रोजगार सृजन के प्रमुख चालक रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ से उत्पन्न दबाव को कम करने के लिए त्वरित नीतिगत कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि निर्यातक उद्योग के लिए निरंतर नीति समर्थन और बाजार पहुँच सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है।

वित्त मंत्री ने निर्यातकों को भरोसा दिलाया

वित्त मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि सरकार इस समय भारतीय निर्यातकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि निर्यातक समुदाय की सभी चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार वृद्धि की गति बनाए रखने, वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्यातकों को हर संभव समर्थन देगी। इसके लिए आवश्यक वित्तीय और नीतिगत कदम उठाए जाएंगे।

अमेरिकी टैरिफ के बाद की स्थिति

अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ बुधवार से लागू हो गया है। इस टैरिफ से मुख्य रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों में निर्यात पर असर पड़ने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप व्यापारियों को बाजार में प्रतिस्पर्धा में कठिनाई और उत्पादन लागत बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

फियो ने कहा कि वित्त मंत्री ने निर्यातक समुदाय को आश्वस्त किया कि सरकार इस चुनौतीपूर्ण समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार निर्यातकों की चिंता समझती है और उनके हितों की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद करेगी।

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