अमित शाह के बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला, कहा- 'सरकार मुद्दों से भटक रही है'

प्रियंका चतुर्वेदी ने अमित शाह के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार मुद्दों से भटक रही है। जानें उनका पूरा बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया। संसद में माहौल पर

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव सुधारों पर हुई चर्चा के दौरान मुद्दों से भटकते हुए कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार को बार-बार घसीटना उचित नहीं था।

Parliament Session: संसद में हाल ही में चुनाव सुधारों पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मौके पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि अमित शाह ने चुनाव सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, जिससे बहस अपने मूल उद्देश्य से भटक गई।

प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे सरकार की नाराजगी और अहंकार का स्पष्ट संकेत बताते हुए कहा कि विपक्ष चुनाव सुधारों पर सार्थक चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार मुद्दे को राजनीति में बदलने में लगी हुई है।

प्रियंका चतुर्वेदी का बयान: 'सरकार मुद्दे से भटक रही है'

सांसद चतुर्वेदी ने अपने बयान की शुरुआत में कहा कि गृह मंत्री का भाषण चुनाव सुधारों पर केंद्रित होना चाहिए था। उन्होंने कहा:

'चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान सरकार ने कांग्रेस और गांधी परिवार को बार-बार घसीटकर मुद्दे से भटकने की कोशिश की। यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।'

उन्होंने यह भी कहा कि गुस्सा और अहंकार में दी गई प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि सरकार के पास चुनाव सुधारों पर ठोस जवाब नहीं था। प्रियंका ने यह भी याद दिलाया कि प्रियंका गांधी पहले ही कह चुकी हैं कि अगर सरकार को नेहरू-गांधी परिवार पर चर्चा करनी है, तो इसे एक ही बार में समाप्त कर दें, ताकि देश के असली मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

अमित शाह के बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला, कहा- 'सरकार मुद्दों से भटक रही है'

गृह मंत्री को व्यक्तिगत प्रहार से बचना चाहिए

चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री ने जवाहरलाल नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक पूरे परिवार पर टिप्पणी करने में अधिक समय लगाया, जबकि संसदीय परंपरा के अनुसार चुनाव सुधार जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर गंभीर और संतुलित बहस होना चाहिए। सांसद ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे से जुड़े सुधारों पर चर्चा में व्यक्तिगत हमले का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र की मजबूती केवल विपक्ष को कमजोर करके नहीं, बल्कि सकारात्मक संवाद और जवाबदेही से सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि चुनाव सुधार देश के भविष्य और लोकतंत्र की मजबूती से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता यह जानना चाहती है कि सरकार पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए क्या ठोस कदम उठाएगी। लेकिन इसके बजाय विपक्ष को दोषी ठहराकर बहस का स्तर गिरा दिया गया। लोकतंत्र की मजबूती का आधार संवाद और जवाबदेही है, न कि आरोप-प्रत्यारोप।

संसद में माहौल पर चिंता जताई

प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि संसद में बहस का स्तर गिरना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि संसद देश के प्रमुख मुद्दों, आम जनता की समस्याओं और संस्थाओं की मजबूती पर चर्चा का मंच है। लेकिन इसे राजनीतिक कटाक्ष का अखाड़ा बना दिया गया है। यह लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। सांसद ने सरकार से अपील की कि वे व्यक्तिगत हमलों को रोकें और चुनाव सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषय पर देश के सामने ठोस जवाब दें।

 

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