दमोह में युवक पर धारदार हथियार से हमला, हथेली कटकर अलग होने का आरोप; सरपंच समेत 6 पर केस

मध्यप्रदेश दमोह में पुराने विवाद को लेकर युवक पर धारदार हथियार से हमला हुआ। पीड़ित ने सरपंच समेत छह लोगों पर आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मध्य प्रदेश के दमोह में पुराने विवाद को लेकर 33 वर्षीय युवक पर कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया गया। पीड़ित ने आलमपुर के सरपंच समेत छह लोगों पर आरोप लगाया है। गंभीर हालत में उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुराने विवाद को लेकर एक युवक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बटियागढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में घायल युवक ने आरोप लगाया है कि कुल्हाड़ी से किए गए हमले में उसकी हथेली कटकर अलग हो गई। पीड़ित ने आलमपुर गांव के सरपंच समेत छह लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है।

घटना के बाद घायल युवक को पहले बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के पीछे बताए जा रहे पुराने विवाद और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

आलमपुर बाईपास के पास हुई घटना

पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे बटियागढ़ थाना क्षेत्र के आलमपुर बाईपास के पास हुई। पीड़ित युवक की पहचान आलमपुर निवासी 33 वर्षीय गुमान, पिता खेत सिंह के रूप में बताई गई है।

घायल के मुताबिक, वह बाइक से खड़री से आलमपुर बाईपास की ओर जा रहा था। रास्ते में वह शौच के लिए रुका था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर छह लोग वहां पहुंचे।

पीड़ित का आरोप है कि इनमें से मुड़ी आदिवासी नामक व्यक्ति ने उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आलमपुर गांव के सरपंच अजुद्दी आदिवासी और चार अन्य लोगों ने उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की और उसे जंगल की ओर ले गए।

गुमान का आरोप है कि वहां अजुद्दी आदिवासी ने उसके हाथ के पंजे के ऊपर कुल्हाड़ी से हमला किया। इस हमले में उसका पंजा कट गया। पीड़ित ने बताया कि वह कथित तौर पर शामिल छह लोगों में से केवल दो को पहचानता है, जबकि अन्य चार लोगों की पहचान वह नहीं जानता।

घायल को जबलपुर मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर

हमले के बाद युवक को गंभीर हालत में उसके परिजन बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार, डायल 112 की मदद से एक व्यक्ति को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था। मारपीट के दौरान उसके हाथ में गंभीर चोट आई थी। स्थिति गंभीर होने के कारण उसे आगे के इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

घटना में युवक का हाथ गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है। आगे के इलाज और चोट की स्थिति से जुड़ी विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

गुरुवार की घटना को बताया जा रहा है विवाद की वजह

घायल युवक ने इस हमले के पीछे गुरुवार को हुए एक पुराने विवाद को कारण बताया है। उसके मुताबिक, वह सरपंच अजुद्दी आदिवासी को बिजली कार्यालय लेकर गया था।

पीड़ित के अनुसार, वहां से लौटते समय सरपंच ने ढाबे पर चिकन खाने के लिए कहा। खाना खाने के बाद जब दोनों वहां से निकले तो कथित तौर पर सरपंच की गाड़ी से उसकी गाड़ी टकरा गई।

गुमान का दावा है कि उसने अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने की बात कही, लेकिन कथित तौर पर मरम्मत नहीं कराई गई। इसके बाद गाड़ी पर पत्थर मारे जाने का भी आरोप है। पीड़ित ने इसी विवाद को बाद में हुए हमले से जोड़ते हुए पुलिस को अपनी शिकायत और बयान में घटना का कारण बताया है।

हालांकि, इस विवाद के दूसरे पक्ष की ओर से अभी कोई अलग बयान उपलब्ध नहीं है। पुलिस जांच के बाद ही पुराने विवाद और शुक्रवार को हुए हमले के बीच संबंध की स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि आलमपुर निवासी गुमान सिंह का किसी व्यक्ति द्वारा हाथ काट दिया गया है।

थाना प्रभारी के मुताबिक, घायल को इलाज के लिए बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां से उसे जबलपुर रेफर किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस की जांच में घटना के समय मौजूद लोगों, पीड़ित के बयान और आरोपों में नामित व्यक्तियों की भूमिका सहित अन्य पहलुओं को देखा जाएगा। घटना स्थल और कथित हथियार से जुड़े साक्ष्य भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं।

सरपंच समेत छह लोगों पर लगाए गए आरोप

इस मामले में पीड़ित युवक ने आलमपुर गांव के सरपंच अजुद्दी आदिवासी सहित कुल छह लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पीड़ित केवल दो लोगों को पहचानता है और बाकी चार लोगों की पहचान से वह अनजान है।

किसी भी व्यक्ति पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। इसलिए फिलहाल आरोपों को शिकायतकर्ता के बयान के तौर पर देखा जा रहा है।

पुलिस की ओर से घटना के संबंध में जांच जारी होने की बात कही गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

धारदार हथियार से हमले ने बढ़ाई चिंता

ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने विवादों के हिंसक घटनाओं में बदलने की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मानी जाती हैं। दमोह की इस घटना में भी कथित तौर पर धारदार हथियार के इस्तेमाल और युवक के हाथ में गंभीर चोट लगने की बात सामने आई है।

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इसकी चर्चा है। हालांकि, मामले की वास्तविक परिस्थितियों और हमले के पीछे की वजह को लेकर पुलिस जांच पूरी होने का इंतजार करना होगा।

आगे की जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि युवक पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और घटना में कितने लोग शामिल थे। पीड़ित के बयान में छह लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जबकि उनमें से कुछ की पहचान वह नहीं कर पाया है।

पुलिस पुराने विवाद की भी जांच कर रही है, जिसे पीड़ित ने हमले की वजह बताया है। घटना से जुड़े सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।

गंभीर रूप से घायल युवक का इलाज जबलपुर मेडिकल कॉलेज में जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने और सभी संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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