अंबिकापुर के अंबेडकर चौक में तड़के लगी आग में 8 दुकानें जल गईं। फायर ब्रिगेड देर से पहुंची। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। फर्नीचर, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रॉनिक सामान पूरी तरह जल गया।
Chhattisgarh: अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित अंबेडकर चौक में मंगलवार सुबह करीब 4 बजे अचानक आग लग गई। सबसे पहले आग एक फर्नीचर दुकान में लगी, जहां प्लास्टिक और फोम का सामान बड़ी मात्रा में रखा था। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानों तक फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें करीब 30 फीट तक ऊंची उठ रही थीं। धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया, जिससे आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए।
एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड
आग लगने की सूचना सुबह करीब 4:30 बजे एक राहगीर ने दुकान के बोर्ड पर लिखे मोबाइल नंबर पर संचालक राकेश अग्रवाल को दी। इसके बाद उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड, कंट्रोल रूम और डायल 112 पर कॉल कर सूचना दी।
हालांकि, सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची। तब तक आग आठ दुकानों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी।
8 दुकानें जलकर राख

आग फर्नीचर दुकान से फैलते हुए सक्षम ई-रिक्शा, मारुति इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य दुकानों तक पहुंच गई। इसके अलावा दुकानों के पीछे संचालित फर्नीचर निर्माण फैक्ट्री भी आग की चपेट में आ गई। फैक्ट्री में अलमारी, पेंट और लकड़ी का काम होता था, जिससे आग और तेजी से फैली।
दुकानों में रखा फर्नीचर, डेकोरेशन का सामान, ई-रिक्शा, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जलकर खाक हो गए। अनुमान है कि आगजनी से सवा से डेढ़ करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है।
नाश्ते की दुकान में सिलेंडर ब्लास्ट
आग फैलते हुए पास में संचालित एक नाश्ते की दुकान तक पहुंच गई। वहां रखे छोटे गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, जिससे दुकान पूरी तरह जल गई। गनीमत रही कि घटना के समय दुकान बंद थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंबिकापुर फायर ब्रिगेड के साथ दरिमा एयरपोर्ट की फायर टीम को भी बुलाया गया। एयरपोर्ट फायर ब्रिगेड की मदद से आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका।
पुलिस जांच में जुटी
दुकान संचालक राकेश अग्रवाल ने आग बुझाने में देरी को लेकर फायर ब्रिगेड पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर पहुंच जाती, तो नुकसान काफी हद तक कम हो सकता था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद करीब 45 मिनट तक कोई भी फायर वाहन नहीं पहुंचा, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
मजबूरन उन्हें एएसपी अमोलक सिंह के निजी नंबर पर फोन कर सहायता मांगनी पड़ी। आग की वजह से इलाके में यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और सुबह स्कूल बसें व वैन जाम में फंस गईं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रैफिक सामान्य कराया। फिलहाल गांधीनगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।










