सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा इन दिनों चर्चा में हैं। दरअसल, वह गुरुवार को कानपुर के मोतीझील में आयोजित नगाड़ा नाइट डांडिया कार्यक्रम में मुख्य परफॉर्मर के रूप में शामिल हुई थीं।
Anjali Arora Controversy: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा एक कार्यक्रम को लेकर विवादों में घिर गई हैं। ‘कच्चा बादाम’ गाने पर रील बनाकर लोकप्रियता हासिल करने वाली अंजलि हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर में आयोजित एक डांडिया कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर एक गाना बजने के बाद उनके अचानक मंच छोड़ने से विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के आयोजकों ने उनके व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
आयोजकों का दावा है कि इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ और कार्यक्रम में आए मेहमानों को भी निराशा हुई। हालांकि, इस मामले में अंजलि अरोड़ा का पक्ष सामने आना बाकी है।
क्या है अंजलि अरोड़ा और डांडिया आयोजकों के बीच विवाद?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंजलि अरोड़ा गुरुवार को कानपुर के मोतीझील में आयोजित ‘नगाड़ा नाइट डांडिया’ कार्यक्रम में मुख्य परफॉर्मर के तौर पर पहुंची थीं। कार्यक्रम में उनसे प्रस्तुति देने और दर्शकों के साथ बातचीत करने की उम्मीद थी। लेकिन आरोप है कि मंच पर आने के कुछ ही समय बाद वह वहां से चली गईं।
बताया जा रहा है कि अंजलि के मंच पर पहुंचने के दौरान डीजे ने लोकप्रिय गाना ‘कच्चा बादाम’ बजाया था। इसी बात से नाराज होकर उनके मंच छोड़ने का दावा किया गया है। हालांकि, इस घटनाक्रम की पूरी वजह और अंजलि की प्रतिक्रिया को लेकर अभी सभी पक्षों की जानकारी सामने आना जरूरी है।
आयोजक आशीष गुप्ता ने क्या कहा?
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कार्यक्रम आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े आशीष गुप्ता ने मीडिया से बातचीत में अंजलि के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस गाने से अंजलि को सोशल मीडिया पर पहचान मिली, उसी के बजने पर उनका नाराज होकर कार्यक्रम छोड़ना समझ से परे है। आशीष गुप्ता के अनुसार, यदि अंजलि को ‘कच्चा बादाम’ गाने पर प्रस्तुति देने में कोई परेशानी थी, तो वह पहले ही आयोजकों को इसकी जानकारी दे सकती थीं। उनका कहना है कि अंजलि की टीम की ओर से भी इस तरह की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
आयोजक ने यह भी आरोप लगाया कि अंजलि के अचानक चले जाने से कार्यक्रम की योजना प्रभावित हुई और वहां मौजूद दर्शकों को निराशा का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी टीम कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
किन शर्तों पर कार्यक्रम में शामिल हुई थीं अंजलि?
आशीष गुप्ता का दावा है कि अंजलि अरोड़ा को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भुगतान किया गया था। उनके मुताबिक, अंजलि की जिम्मेदारियों में मंच पर प्रस्तुति देना, मेहमानों को स्मृति चिह्न देना, दर्शकों से बातचीत करना और आयोजकों की टीम के साथ तस्वीरें खिंचवाना शामिल था। आयोजक का आरोप है कि अंजलि ने तय गतिविधियों में से कुछ ही पूरी कीं और बाकी काम अधूरे रह गए। इसी आधार पर वह उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि, कार्यक्रम से जुड़े समझौते की शर्तें सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दोनों पक्षों के बीच क्या सहमति बनी थी और कथित तौर पर किन शर्तों का पालन नहीं हुआ।
आयोजकों ने 15 से 20 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया
आशीष गुप्ता ने दावा किया कि कार्यक्रम में करीब 1,500 लोग पहुंचे थे। उनके मुताबिक, अंजलि के अचानक मंच छोड़ने से आयोजन प्रभावित हुआ और उन्हें लगभग 15 से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। आयोजक ने आर्थिक नुकसान के अलावा कार्यक्रम की प्रतिष्ठा और कानपुर की छवि को ठेस पहुंचने की बात भी कही।
उन्होंने अंजलि से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका दावा है कि घटना के बाद शहर के कुछ प्रतिष्ठित लोगों ने भी उनसे संपर्क कर नाराजगी जताई। फिलहाल, नुकसान की बताई गई रकम आयोजक का दावा है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि या नुकसान के आकलन से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।










