अंतिम संस्कार से लौट रही कार ट्रक से टकराई, 7 महिलाओं की मौत

अंतिम संस्कार से लौट रही कार ट्रक से टकराई, 7 महिलाओं की मौत

हादसा फतेहपुर के हरसवा गांव के पास हुआ, जहां अंतिम संस्कार से लौट रही अर्टिगा कार ट्रक से टकरा गई। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने क्रेन से वाहन हटाकर यातायात बहाल किया।

Sikar: सीकर जिले में बुधवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जयपुर-बीकानेर हाईवे पर फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के हरसवा गांव के पास शाम करीब 4 बजे एक अर्टिगा कार और ट्रक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद शुरू की और पुलिस को सूचना दी। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे शवों और घायलों को बाहर निकाला गया।

एक ही परिवार की 7 महिलाओं की मौत

हादसे में फतेहपुर शहर के परिहार बाइक एजेंसी क्षेत्र में रहने वाली मोहिनी देवी (80), उनकी बेटी इंद्रा (60), बहू तुलसी देवी (45) पत्नी ललित, चंदा देवी (55) पत्नी सुरेंद्र, देवरानी संतोष (45) और जेठ के बेटे की बहू आशा देवी (60) पत्नी मुरारी की मौत हो गई।

इनमें से तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य महिलाओं ने फतेहपुर ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बाद में एक और महिला बरखा देवी (पत्नी ओमप्रकाश) की सीकर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या सात हो गई।

घायलों को सीकर किया गया रेफर

हादसे में मोहिनी देवी की पोती सोनू, बहू बरखा और कार चालक वसीम निवासी मांडेला गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पहले फतेहपुर के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सीकर रेफर किया गया।

डीएसपी अरविंद कुमार जाट ने बताया कि मोड़ पर कार चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से हटाकर हाईवे पर यातायात सुचारू करवाया गया।

अंतिम संस्कार से लौटते वक्त हुआ हादसा

मृतका मोहिनी देवी के दोहिते मनोज सैनी ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ में उनकी ननद का निधन हुआ था। परिवार के लोग सुबह करीब 11 बजे पांच गाड़ियों में अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। दोपहर करीब 3:30 बजे सभी लोग वहां से लौट रहे थे। इसी दौरान अर्टिगा कार हादसे का शिकार हो गई।

मनोज ने बताया कि वह और उनकी पत्नी भी अंतिम संस्कार में जाने वाले थे, लेकिन किसी कारणवश जाना टाल दिया था। यदि वे भी जाते, तो यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था।

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