अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बड़ा ऐलान: रिचर्ड पायबस बने मेन्स टीम के नए हेड कोच

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का बड़ा ऐलान: रिचर्ड पायबस बने मेन्स टीम के नए हेड कोच

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (Afghanistan Cricket Board) ने अपनी मेन्स टीम के लिए नया मुख्य कोच घोषित कर दिया है। टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद बदलाव का फैसला किया और अब टीम नई दिशा में कदम बढ़ाने को तैयार है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: अफगानिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने T20 वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप स्टेज से बाहर होने के बाद नई दिशा में कदम बढ़ाने का फैसला किया है। इसके तहत अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टीम के लिए नए कोच का ऐलान किया है। टीम की कमान अब ऐसे कोच रिचर्ड पायबस के हाथों में होगी, जिनका नाम वर्ल्ड क्रिकेट में हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम और वर्ल्ड कप जीत के अनुभव से जुड़ा रहा है। वह मार्च में श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली व्हाइट-बॉल सीरीज से पहले टीम से जुड़ेंगे।

यह सीरीज 13 मार्च से शुरू होगी और यह रिचर्ड पायबस के कार्यकाल की पहली बड़ी परीक्षा भी साबित होगी। बोर्ड और फैंस दोनों की नजरें अब इस नई रणनीति और कोचिंग बदलाव पर टिकी हैं।

रिचर्ड पायबस: एक अनुभवी और सम्मानित कोच

रिचर्ड पायबस क्रिकेट जगत में कोचिंग और परफॉर्मेंस स्ट्रैटेजी के क्षेत्र में बेहद सम्मानित नाम हैं। उन्होंने 2013 से 2019 के बीच वेस्टइंडीज टीम के साथ हेड कोच, डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट और हाई-परफॉर्मेंस हेड के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान, 2016 में वेस्टइंडीज ने इतिहास रचते हुए मेन्स, वूमेन्स और अंडर-19 तीनों ICC वर्ल्ड कप खिताब एक ही कैलेंडर ईयर में जीतकर क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई।

इसके अलावा पायबस पाकिस्तान नेशनल टीम के मुख्य कोच भी रहे और 1999 क्रिकेट वर्ल्ड कप में टीम को फाइनल तक पहुंचाया, जहां पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया से हार मिली। उन्होंने 2013 में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भी कोचिंग दी। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें दो बार साउथ अफ्रीकन क्रिकेट कोच ऑफ द ईयर चुना गया।

खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका

पायबस व्यक्तिगत खिलाड़ियों के करियर में सुधार लाने और उन्हें विकसित करने में भी जाने जाते हैं। पाकिस्तान के मोहम्मद रिजवान, साउथ अफ्रीका के फाफ डु प्लेसिस और दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन जैसे खिलाड़ियों के करियर को निखारने में उनका योगदान अहम रहा है। उनके मार्गदर्शन में कई युवा और अनुभवी खिलाड़ी उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर सके।

पायबस को केवल कोचिंग ही नहीं, बल्कि एक परफॉर्मेंस स्ट्रैटेजिस्ट और अकादमिक पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञ के रूप में भी जाना जाता है। 2022 में उन्हें लंदन की मिडलसेक्स यूनिवर्सिटी से ऑप्टिमल परफॉर्मेंस सिस्टम पर रिसर्च के लिए डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त हुई। इसके अलावा उनके पास ग्रीनविच यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट डिग्री और पोर्ट्समाउथ यूनिवर्सिटी से बीए (ऑनर्स) की डिग्री भी है। यह शैक्षिक और रणनीतिक दक्षता उन्हें टीम प्रबंधन और खेल रणनीति में अलग पहचान देती है।

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को उम्मीद है कि पायबस के अनुभव, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम मैनेजमेंट और रणनीतिक सोच से टीम नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी। बोर्ड का कहना है कि पायबस की नियुक्ति से अफगानिस्तान क्रिकेट टीम को परफॉर्मेंस सुधारने, युवा खिलाड़ियों को विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Leave a comment