Asian Shooting Championship 2026: मनु भाकर शूटऑफ में स्वर्ण से चूकीं, रजत पदक से करना पड़ा संतोष

Asian Shooting Championship 2026 में मनु भाकर रोमांचक शूटऑफ में स्वर्ण से मामूली अंतर से चूक गईं और रजत पदक से संतोष करना पड़ा। मैच का रोमांच, स्कोर और

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं और उन्हें 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय स्टार निशानेबाज मनु भाकर ने एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में एक बार फिर अपनी विश्वस्तरीय क्षमता दिखाई, लेकिन बेहद रोमांचक फाइनल में वह मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गईं। 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में मनु को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि उनकी ही साथी निशानेबाज ईशा सिंह ने कांस्य पदक जीता। हालांकि, भारतीय तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिससे टूर्नामेंट में भारत का दबदबा और मजबूत हुआ।

शूटऑफ तक खिंचा फाइनल, मनु को रजत

फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और उतार-चढ़ाव भरा रहा। मनु भाकर और वियतनाम की एनगुयेन थुय ट्रेंग दोनों ने 35-35 का समान स्कोर किया, जिसके बाद विजेता का फैसला शूटऑफ से हुआ। इस निर्णायक पल में ट्रेंग ने बेहतर निशाना साधते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया, जबकि मनु को रजत पदक मिला। पूरे फाइनल में चार शीर्ष निशानेबाजों ट्रेंग, मनु भाकर, ईशा सिंह और ओलंपियन रिदम सांगवान के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहली सीरीज में ईशा सिंह ने परफेक्ट पांच अंक हासिल कर बढ़त बनाई, जबकि मनु और ट्रेंग ने चार-चार अंक बनाए। जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ा, लीड लगातार बदलती रही और दबाव बढ़ता गया।

छठी सीरीज में ट्रेंग ने परफेक्ट पांच अंक हासिल कर दो अंकों की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली। हालांकि, सातवीं सीरीज में उनकी खराब शूटिंग जहां वह केवल एक निशाना लगा सकीं ने भारतीय खिलाड़ियों को वापसी का मौका दिया। आठवीं सीरीज के अंत तक ईशा 30 अंकों के साथ बढ़त पर थीं, लेकिन नौवीं सीरीज में वह सभी शॉट चूक गईं, जिससे उनका स्वर्ण जीतने का सपना टूट गया और उन्हें कांस्य पदक मिला।

अंतिम सीरीज में मनु ने तीन सटीक निशाने लगाए, जबकि ट्रेंग दो ही लगा पाईं। इससे दोनों का कुल स्कोर बराबर हो गया और मुकाबला शूटऑफ में पहुंचा, जहां वियतनामी खिलाड़ी ने बाजी मार ली।

भारत का दबदबा: टीम स्पर्धा में स्वर्ण

व्यक्तिगत स्पर्धा में कड़ी चुनौती के बावजूद, भारतीय महिला टीम ने टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया। ईशा सिंह, मनु भाकर और रिदम सांगवान की तिकड़ी ने कुल 1,751 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता।

  • स्वर्ण: भारत – 1,751 अंक
  • रजत: चीनी ताइपे – 1,735 अंक
  • कांस्य: वियतनाम – 1,729 अंक

यह जीत भारतीय निशानेबाजी के बढ़ते स्तर और सामूहिक मजबूती को दर्शाती है।

जूनियर वर्ग में भी चमका भारत

भारतीय सफलता सिर्फ सीनियर स्तर तक सीमित नहीं रही। जूनियर 25 मीटर पिस्टल फाइनल में नाम्या कपूर ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए शूटऑफ में इंडोनेशिया की रिहादतुल अस्यिफा को हराकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय निशानेबाज बनीं।

अनुभवी निशानेबाज अंजलि भागवत ने जूनियर वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया, जिससे भारत का पदक तालिका में स्थान और मजबूत हुआ। जूनियर भारतीय टीम ने भी इस स्पर्धा में टीम स्वर्ण जीतकर अपना दबदबा कायम रखा।

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