नरसिंहपुर होटल लूट का खुलासा, 40 रुपये की नकली पिस्टल से रची गई थी 80 लाख की साजिश

नरसिंहपुर के होटल कुसुम वैली में 80 लाख की लूट का नाटक निकला फर्जी। नाइट मैनेजर ने दोस्तों संग 40 रुपये की नकली पिस्टल से साजिश रची

नरसिंहपुर होटल लूट का मामला फर्जी निकला। होटल मैनेजर ने दोस्तों संग मिलकर 40 रुपये की नकली पिस्टल से 80 लाख की लूट का नाटक किया। पुलिस ने सीसीटीवी से खुलासा कर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।

Madhya Pradesh: नरसिंहपुर शहर के होटल कुसुम वैली में हुई 80 लाख रुपये की लूट की कहानी वारदात से 10 दिन पहले शुरू हो चुकी थी। 24 जनवरी की शाम होटल मालिक नवीन अग्रवाल अपने केबिन में मौजूद थे। उनके सामने 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां रखी थीं। कुछ लोग बैठकर रकम गिन रहे थे और गिनती पूरी होने पर बताया गया कि कुल 80 लाख रुपये हैं।

उस समय होटल का नाइट मैनेजर चंद्रेश रजक भी वहीं मौजूद था। नोट गिनने के बाद होटल मालिक ने रकम लॉकर में रखने के निर्देश दिए और वहां से चले गए। उसी दिन से चंद्रेश के मन में लालच घर कर गया। उसने इतनी बड़ी रकम पहले कभी नहीं देखी थी और यहीं से साजिश की नींव पड़ी।

3 फरवरी की रात रचा गया लूट का ड्रामा

3 फरवरी की रात होटल मालिक परिवार के साथ डिनर कर सो चुके थे। आधी रात के बाद करीब 3 बजे होटल से फोन आया कि नाकाबपोश बदमाश घुस आए हैं और लॉकर से 80 लाख रुपये लूट ले गए हैं। सूचना मिलते ही होटल मालिक और पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दिखा कि नाइट मैनेजर चंद्रेश रजक काउंटर पर बैठा है, तभी नकाबपोश बदमाश उसकी कनपटी पर पिस्टल अड़ा देते हैं। इसके बाद मारपीट, लॉकर तोड़ना और नोटों को हुडी व बोरी में भरने का पूरा दृश्य कैमरे में कैद था।

सीसीटीवी देखकर एसपी को हुआ शक

सीसीटीवी फुटेज देखते समय एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा को मैनेजर की बॉडी लैंग्वेज पर शक हुआ। उन्होंने फुटेज कई बार देखी और चंद्रेश के हाव-भाव पर ध्यान दिया। इसके बाद होटल का गेट बंद कर सभी कर्मचारियों को लाइन में खड़ा कराया गया।

करीब साढ़े चार बजे सभी स्टाफ को थाने लाया गया। सख्त पूछताछ में पहले तो चंद्रेश पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में टूट गया और पूरी साजिश बता दी।

यूट्यूब से सीखी लूट की स्क्रिप्ट

चंद्रेश ने बताया कि उसने अपने दोस्तों मोनू उर्फ टुईया वंशकार, अनुज वाल्मीकि, राकेश शुक्ला और अखिलेश महदेले के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई थी। इसमें दो नाबालिगों को भी शामिल किया गया। सभी ने यूट्यूब पर लूट के वीडियो देखकर प्लान तैयार किया। लूट में जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया, वह सिर्फ 40 रुपये की नकली पटाखा बंदूक थी।

इसके अलावा सब्जी काटने वाला चाकू और 30 रुपये का हथौड़ा इस्तेमाल किया गया। पुलिस जब हथियार देखकर हैरान रह गई। आरोपियों ने बताया कि वे जल्दी अमीर बनना चाहते थे, लग्जरी जिंदगी जीना चाहते थे और गर्लफ्रेंड पर पैसा उड़ाने का सपना देख रहे थे। 

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर पुल के पास कचरे में छिपाए गए नोटों की बोरी बरामद कर ली। अलग-अलग आरोपियों से कुल 76 लाख रुपये से ज्यादा की रकम जब्त की गई है। सभी आरोपी जेल भेज दिए गए हैं।

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